शहर की 75 व ग्रामीण क्षेत्रों की 225 विद्यालयों का होगा संचालन
जैसलमेर . शिक्षा विभाग ने सरकारी विद्यालयों को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर विद्यालयों के संचालन करने की तैयारी कर ली है। वैसे, इसके लिए विभाग की ओर से 300 विद्यालयों का चयन कर सूची भी जारी कर ली गई है। सरकारी विद्यालयों में पीपीपी मोड लागू होने से इन विद्यालयों में लगे शिक्षकों के स्थान पर निजी शिक्षक नियुक्त कर यहां शिक्षण कार्य को बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे।
गौरतलब है कि पीपीपी मोड पर सरकारी विद्यालयों के प्रदेश के शिक्षक संघों के विरोध के बीच प्रदेश के इन विद्यालयों में यह योजना लागू करने की स्वीकृति जारी हो गई है। इनमें 225 विद्यालय ग्रामीण व 75 स्कूल शहरी क्षेत्र से संबंधित है। इन विद्यालयोंं में जैसलमेर जिले के पोकरण क्षेत्र के एक विद्यालय राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मंगलपुरा को पीपीपी मोड के विद्यालय में शामिल किया गया है। विद्यालय में वर्तमान में नौ शिक्षक व सहायक स्टॉफ नियुक्त है। पीपीपी मोड के आदेश जारी होने के बाद इन सभी शिक्षकों को अन्य विद्यालयों में स्थानांतरित कर विद्यालय में प्लेसमेन्ट एजेंसियों के माध्यम से निजी शिक्षकों को नियुक्त किया जाएगा।
अब विद्यालय की कमान निजी हाथों में सौंपी जाएगी
जानकारी के अनुसार सरकारी शिक्षकों को अन्यत्र नियुक्त किया जाएगा और इनके स्थान पर निजी शिक्षकों को प्लेसमेन्ट एजेंसियों के माध्यम से नियुक्ति दी जाएगी। इनका वेतन सरकार की ओर से वहन किया जाएगा। पीपीपी मोड पर जाने वाले विद्यालयों में शुल्क नहीं देना होगा। सभी विद्यार्थियों को नि:शुल्क शिक्षा दी जाएगी। इसके अलावा शिक्षण व्यवस्था निजी विद्यालयों की तर्ज पर होगी।
जैसलमेर के पोकरण में 1, अलवर ग्रामीण 17, शहरी 4, दौसा में 4, जयपुर में ग्रामीण 8 व शहरी 7, बीकानेर में ग्रामीण 6, शहरी 1, श्रीगंगानगर में ग्रामीण व शहरी दो-दो, हनुमानगढ में चार, बाड़मेर में ग्रामीण पांच व शहरी एक, जोधपुर में ग्रामीण 11 व शहरी एक, बारा में एक, बूंदी में ग्रामीण चार व शहरी पांच, झालावाड़ में चार, कोटा में एक, बांसवाड़ा में ग्रामीण आठ व शहरी एक, बांसवाड़ा में ग्रामीण आठ व शहरी एक, चितोडगढ़ में ग्रामीण छ: व शहरी तीन, डूंगरपुर में सात, प्रतापगढ़ में तीन, राजसमंद में ग्रामीण व शहरी क्षेत्र की तीन-तीन विद्यालयों को पीपीपी मोड में लागु किया जाएगा। इसी प्रकार उदयपुर में ग्रामीण दस व शहरी दो, भरतपुर में ग्रामीण 16 व शहरी एक, डूंगरपुर में शहदी चार व ग्रामीण दो, करौली में ग्रामीण सात व शहरी दो, सवाईमाधोपुर में ग्रामीण पांच व शहरी एक, जालोर में 12, पाली में ग्रामीण 13 व शहदी तीन, सिरोही में ग्रामीण आठ व ग्रामीण तीन, चुरु में ग्रामीण 15 व शहरी 11, झुझनू में शहरी दो व ग्रामीण तीन, सीकर में ग्रामीण 11 व शहरी दो, अजमेर में ग्रामीण व शहरी दो-दो, भीलवाड़ा में ग्रामीण छ: व शहरी दो, नागौर में सर्वाधिक ग्रामीण में 18 व ग्रामीण में नौ विद्यालयों को, टोंक में दो, बूंदी में पांच, धोलपुर में एक विद्यालय को पीपीपी मोड पर दिया गया है। इस प्रकार प्रदेश की 225 व शहर की 75 विद्यालयों को पीपीपी मोड पर दिया गया है।
निर्देश के अनुसार होगी व्यवस्था
पीपीपी मोड पर विद्यालयों की सूची जारी होने की जानकारी मिली है। सरकार व विभाग के जैसे आदेश मिलेंगे, उसी के अनुरूप कार्य किया जाएगा। जिले में पोकरण की एक विद्यालय मंगलपुरा को पीपीपी मोड पर लागू किया जा सकता है।
-कमल किशोर व्यास, अतिरिक्त जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक, जैसलमेर