
जैसलमेर. जैसलमेर में बबर मगरा के पास तोताराम की ढाणी कच्ची बस्ती में गत दिनों नगरपरिषद की ओर बड़े पैमाने पर की गई अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई के बाद बेघर हुए परिवारों ने शुक्रवार को अम्बेडकर पार्क से कलेक्ट्रेट तक आक्रोश रैली निकाली। शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे पीडि़त परिवारों की ओर से जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर पुनर्वास की मांग की गई।
आरोप लगाया गया कि बिना पूर्व सूचना और वैधानिक नोटिस के कार्रवाई कर गरीब परिवारों के कच्चे-पक्के आशियानों को ध्वस्त कर दिया गया, जिससे महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। ज्ञापन में बताया गया कि प्रभावित परिवार पिछले 10 से 30 वर्षों से इस क्षेत्र में निवास कर रहे हैं। उनके पास मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड तथा बिजली-पानी के बिल जैसे सरकारी दस्तावेज भी उपलब्ध हैं। इसके बावजूद उन्हें अतिक्रमणकारी मानते हुए उनके घर हटा दिए गए। कच्ची बस्ती वालों के इस संघर्ष को जिला कांग्रेस कमेटी ने अपना समर्थन दिया है और निकाली गई रैली में कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर और पूर्व जिला प्रमुख अंजना मेघवाल सहित कई कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता शामिल हुए।
रैली में शामिल महिलाओं व पुरुषों ने हाथों में नारे लिखी तख्तियां थाम रखी थी। कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल रैली के साथ तैनात रहा। पूरे मार्ग में लोगों ने नगरपरिषद प्रशासन के साथ राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। चिलचिलाती धूप में कई बालक-बालिकाएं भी रैली में शामिल हुए। गुस्साए लोगों ने कहा कि गरीब तबके के लोगों को उनका पक्ष सुने बिना बेघर कर दिया। अब उन सभी के सिर से छत उजड़ चुकी है और वे इस भीषण गर्मी के मौसम में आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।
पीडि़त परिवारों ने कलक्टर को दिए ज्ञापन में मांग की है कि वर्ष 1998 एवं 2004 में नगरपरिषद की ओर से कराए गए आधिकारिक सर्वे के आधार पर पात्र लोगों को उनके कब्जे वाले भूखंडों के पट्टे जारी किए जाएं। साथ ही जिला प्रशासन की ओर से एक विशेष समिति गठित कर लंबे समय से निवास कर रहे परिवारों के दस्तावेजों की जांच कर उन्हें नियमानुसार मालिकाना हक प्रदान किया जाए। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि नगरपरिषद की प्रस्तावित बृजराज सिंह आवासीय योजना में विस्थापित परिवारों के लिए विशेष कोटा निर्धारित किया जाए, ताकि बेघर हुए परिवारों का पुनर्वास कर उन्हें स्थायी आवास उपलब्ध कराया जा सके। इसी तरह से मांग की गई कि जब तक प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का कोई स्थायी समाधान नहीं हो जाता, तब तक प्रशासन की ओर से उनके लिए अस्थायी आवास, भोजन और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था तुरंत करवाई जाए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर ने कहा कि भीषण गर्मी के इस मौसम में बिना किसी पूर्व सूचना या पुनर्वास की व्यवस्था किए दशकों से रह रहे गरीब परिवारों के आशियाने उजाडऩा पूरी तरह अमानवीय है। अतिक्रमणकारी व भू माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई का कांग्रेस समर्थन करती है लेकिन उनके साथ पात्र परिवारों व गरीबों को निशाना बनाया जाना अन्यायपूर्ण है। अंजना मेघवाल ने कहा कि गरीब परिवारों के प्रति संवेदनशीलता का परिचय दिया जाना चाहिए। जिन्हें उजाड़ा गया है, उनकी दयनीय हालत देखकर ही पता चलता है कि वे बल्कि जरूरतमंद हैं।