नहरी क्षेत्र में बुधवार सुबह से चारणवाला नहर की मरम्मत का कार्य प्रारंभ कर दिया गया। मौके पर कर्मचारी लगातार जुटे रहे और क्षतिग्रस्त हिस्से को दुरुस्त करने का कार्य जारी है। मरुस्थल की जीवनदायिनी इंदिरा गांधी नहर की 961 आरडी से निकलने वाली चारणवाला नहर में गत मंगलवार सुबह 19 आरडी के पास लगभग पांच सौ मीटर तक टूट गई।
नहरी क्षेत्र में बुधवार सुबह से चारणवाला नहर की मरम्मत का कार्य प्रारंभ कर दिया गया। मौके पर कर्मचारी लगातार जुटे रहे और क्षतिग्रस्त हिस्से को दुरुस्त करने का कार्य जारी है। मरुस्थल की जीवनदायिनी इंदिरा गांधी नहर की 961 आरडी से निकलने वाली चारणवाला नहर में गत मंगलवार सुबह 19 आरडी के पास लगभग पांच सौ मीटर तक टूट गई।
नहर टूटने से सिंचाई का लाखों गैलन पानी व्यर्थ बह गया, जिससे सैकड़ों किसानों की रबी फसल की अंतिम सिंचाई प्रभावित हो गई और खेतों तक पानी नहीं पहुंच सका। नहर टूटने की सूचना के बाद किसान चिंतित नजर आए। अंतिम पानी की बारी नहीं मिलने से फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई थी। क्षेत्र में पानी की समस्या को लेकर किसानों में रोष था और शीघ्र मरम्मत की मांग उठने लगी।
समस्या उजागर होने के बाद सिंचाई विभाग सक्रिय हुआ। मरम्मत कार्य शुरू होने से किसानों के चेहरों पर राहत दिखाई दी और उन्हें फसल के लिए अंतिम सिंचाई मिलने की उम्मीद जगी। किसानों ने बताया कि समस्या सामने आने के बाद त्वरित कार्रवाई होने से राहत मिली है। अधिशासी अभियंता मनोज सोनकर ने बताया कि चारणवाला नहर की मरम्मत का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। प्रयास है कि गुरुवार तक मरम्मत कार्य पूर्ण कर पानी का प्रवाह सुचारु कर दिया जाए। विभागीय टीम लगातार मौके पर कार्य में जुटी है।