
केस 1 : जैसलमेर शहर में दिन दहाड़े एक महिला को बंधक बनाकर घर में रखे सामान की लूट की गई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से दो मुख्य आरोपी सहित पांच जनें गिरफ्तार हुए।
केस 2: रामगढ़ नहरी क्षेत्र में एक आवासीय कॉलोनी में एक दर्जन मकानों पर सेंधमारी की गई। चोरों ने रहवासी मकान से समान व आभूषण भी चुराए।
केस 3: पोकरण क्षेत्र में चोरों ने घुसकर बिजली की फीटिंग तोड़ दी। चोर तार काटकर और मोटरें चुरा ले गए।
जैसलमेर. विगत दिनों सरहदी जिले के अलग-अलग भागों में हुई चोरी की घटनाए एक संगठित पैटर्न के रूप में उभर रही हैं। चोरी की घटनाएं अब केवल शहरी सीमाओं तक सीमित नहीं रहीं। शहर से लेकर नहरी क्षेत्र तक फैले इलाकों में बीते एक सप्ताह के भीतर तीन बड़ी वारदातों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इनके अलावा भी लगातार सामने आ रही घटनाएं इस ओर इशारा करती हैं कि अपराधी अब मौके के बजाय रणनीति के तहत वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। गर्मी का मौसम इस ट्रेंड को और तेज करता दिख रहा है। दोपहर के समय शहर के कई हिस्सों में सन्नाटा छा जाता है, जिससे निगरानी स्वाभाविक रूप से कमजोर पड़ती है। इसी खालीपन का फायदा उठाकर चोर सुनियोजित तरीके से सक्रिय हो रहे हैं। जैसलमेर में तापमान बढऩे के साथ अपराध का टाइमिंग पैटर्न भी बदल गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले रात में चोरी होती थी, लेकिन अब दिनदहाड़े भी वारदातें बढ़ रही हैं। शहर में बढ़ते अनजान चेहरों ने सुरक्षा ढांचे की सबसे कमजोर कड़ी को उजागर किया है—सत्यापन। इसी तरह नशे की बढ़ती लत अब चोरी की घटनाओं से सीधे जुड़ती नजर आ रही है। स्थानीय स्तर पर यह भी सामने आया कि कुछ मामलों में चोरी की घटनाएं नशे के लिए पैसों की जरूरत से जुड़ी हुई हैं। इससे अपराध का चक्र लगातार चलता रहता है।
-दोपहर 12 से 4 बजे के बीच अधिकतर घटनाएं
-कॉलोनियों और बाजारों में कम आवाजाही
-घरों और दुकानों के बाहर कम निगरानी
सत्यापन में गैप: सिस्टम की सबसे बड़ी कमजोरी
-बाहर से आए लोगों का पूरा रिकॉर्ड कई जगह अपडेट नहीं
-निर्माण स्थलों पर काम कर रहे मजदूरों की पहचान अधूरी
-स्थानीय पुलिस तंत्र तक जानकारी पहुंचने में देरी
नशे से जुड़ा नेटवर्क: अपराध का नया चेहरा
-छोटे सामान से शुरू होकर बड़ी चोरी तक पहुंच
-चोरी के सामान की तत्काल बिक्रह के लिए नेटवर्क तैयार
-नशे की जरूरत पूरी करने के लिए बार-बार अपराध
शहर से नहर तक फैलता दायरा
-नहरी क्षेत्र और बाहरी इलाकों में बढ़ी वारदातें
-सुनसान रास्ते और खेतों के पास आसान टारगेट
-7 दिनों में 3 बड़ी चोरी की घटनाएं
-करीब 1 दर्जन घटनाएं अनौपचारिक रूप से सामने आईं
-लगभग 60 प्रतिशत वारदातें सूने स्थानों पर
-करीब 40 प्रतिशत मामलों में बाहरी व्यक्तियों पर संदेह
...इसलिए चिंतित है जैसाण के बाशिंदे
-विगत घटनाओं से सुरक्षा को लेकर भरोसा कमजोर हुआ है।
-रात ही नहीं, दिन में भी सतर्कता जरूरी हो गई।
-सीसीटीवी कैमरे होने के बावजूद मॉनिटरिंग नहीं
-पुलिस गश्त की दृश्यता कई इलाकों में कम
-किरायेदार और मजदूर सत्यापन को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोडऩा
-सीसीटीवी नेटवर्क को एक्टिव कर रियल टाइम मॉनिटरिंग करना
-पुलिस और खुफिया इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय
-नशे के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई और सप्लाई चैन तोडऩा
-नागरिकों की भागीदारी से सामुदायिक निगरानी मजबूत करना
जिले में सत्यापन प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर व्यापक अभियान चलाया जाएगा। आम नागरिकों को घरों, दुकानों, प्रतिष्ठानों और निर्माण स्थलों पर कार्यरत सभी व्यक्तियों तथा किरायेदारों का अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन करवाना सुनिश्चित करने की जरूरत है। बिना सत्यापन किसी को भी ठहराना या कार्य पर रखना सुरक्षा के लिहाज से जोखिमपूर्ण माना जा सकता है। प्रत्येक घर और व्यावसायिक प्रतिष्ठान पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और उन्हें नियमित रूप से सक्रिय रखने से किसी भी संदिग्ध गतिविधि का समय रहते पता लगाया जा सकता है।
-अभिषेक शिवहरे, पुलिस अधीक्षक, जैसलमेर
Published on:
16 Apr 2026 08:31 pm
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