
पोकरण नगरपालिका में अध्यक्ष पद 30 वर्षों बाद सामान्य महिला के लिए आरक्षित किया गया है। इसका परिणाम यह हुआ कि वार्डों में महिला प्रत्याशियों की संख्या में वृद्धि हुई है। प्रदेश में नगर निकायों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण तय है, लेकिन पोकरण में इस बार 52.70 प्रतिशत प्रत्याशी महिलाएं हैं। अध्यक्ष पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने से पहले से तैयारी कर रहे प्रत्याशियों ने अपने घर की महिलाओं को प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतारा है और अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी जताई है।
पोकरण नगरपालिका में कुल 25 वार्ड हैं। इस बार मैदान में कुल 74 प्रत्याशी हैं, जिनमें 39 महिलाएं (52.70 प्रतिशत) और 35 पुरुष (47.30 प्रतिशत) उम्मीदवार हैं। इन 39 महिला प्रत्याशियों में से 8 महिलाएं अध्यक्ष बनने की जुगत में हैं। हालांकि, उनके लिए पहले अपना वार्ड जीतना, फिर संगठन को बहुमत दिलाना और अंत में अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचना एक कठिन सफर है। इन 8 महिला प्रत्याशियों के परिवारजन अपने वार्ड के साथ ही अन्य वार्डों में भी दखल देकर समर्थित प्रत्याशियों को जिताने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि जीत के बाद वे अन्य सदस्यों का समर्थन जुटा सकें। करीब 30 वर्षों बाद अध्यक्ष पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने से चुनाव अत्यंत रोचक हो गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों में ही कई लोग अध्यक्ष बनने का सपना देख रहे थे, लेकिन पद महिला के लिए आरक्षित होने के बाद उन्होंने अपने परिवार की महिलाओं को प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतारा है। महिलाएं घर-घर जाकर जनसंपर्क करती दिख रही हैं और उनके परिवारजन भी लगातार प्रचार में जुटे हैं।
पोकरण @ पत्रिका. पोकरण नगरपालिका के चुनाव के अंतर्गत शुक्रवार को पार्षदों के लिए मतदान होगा। गुरुवार दोपहर मतदान दलों को सामग्री वितरित की गई, जिसके बाद वे अपने-अपने केंद्रों पर पहुंचे। देर शाम तक सभी दलों ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान संपन्न करवाने के लिए तैयारियां पूरी कर ली थीं। गौरतलब है कि पोकरण नगरपालिका की स्थापना 1936 में हुई थी। पिछले चुनाव के बाद इसे डी से सी ग्रेड में अपग्रेड किया गया है। मतदान के आंकड़ों पर गौर करें तो 2010 में 80.68 प्रतिशत, 2015 में 88.63 प्रतिशत और 2021 में रेकॉर्ड 90.5 प्रतिशत मतदान हुआ था।