प्रदेश के अन्य हिस्सों में जहां भारी बारिश ने बाढ़ का रूप धारण कर लिया है, वहीं सीमांत जैसलमेर में लोग एक अच्छी बारिश के लिए तरस रहे हैं।
प्रदेश के अन्य हिस्सों में जहां भारी बारिश ने बाढ़ का रूप धारण कर लिया है, वहीं सीमांत जैसलमेर में लोग एक अच्छी बारिश के लिए तरस रहे हैं। रविवार को भी उनका इंतजार पूरा नहीं हुआ और अब लोगों की मायूसी साफ झलकने लगी है। दिन भर आकाश में बादलों का जमघट लगा रहा, हवाओं के थमने से उमस का भी प्रभाव कायम है लेकिन इस सारे माहौल के बावजूद वर्षा का कहीं अता-पता नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 36.2 व न्यूनतम 26.6 डिग्री सै. रिकॉर्ड किया गया, जो एक दिन पहले शनिवार को क्रमश: 35.4 व 26.5 डिग्री रहा था। रविवार को लगभग पूरे समय बादल छाए हुए थे और धूप नहीं निकली। फिर भी उत्तरी हवाओं के न चलने से शीतलता नसीब नहीं हुई। लोग पसीने से तरबतर होते रहे। उनके बीच बातचीत का मुख्य मुद्दा इस बार मानसून की बेरुखी से जुड़ा हुआ है। जैसलमेर घूमने आ रहे सैलानी और रामदेवरा के यात्री भी मौसम में व्याप्त तपिश व उमस से परेशान नजर आ रहे हैं।