
जैसलमेर. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशानुसार शनिवार को जिला मुख्यालय पर स्थित सभी न्यायालयों, एडीआर सेंटर व पोकरण मुख्यालय में प्री लिटिगेशन प्रकरणों तथा राजीनामा योग्य समस्त प्रकरणों को लोक अदालत के माध्यम से निस्तारण के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए 8 बैंचे गठित की गई, जिनकी अध्यक्षता जिला एवं सेशन न्यायाधीश आशुतोष कुमार, न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय अनीता शर्मा, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश डा मनोज कुमार सोनी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शरद तंवर, पूर्णकालिक सचिव डॉ. महेन्द्र कुमार गोयल तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट संध्या पूनिया ने की। पोकरण मुख्यालय पर अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश डॉ. सूर्यप्रकाश पारीक तथा न्यायाधिकारी ग्राम न्यायालय सांकड़ा जितेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। डॉ गोयल ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंकों ने ऋणियों को ऋण की बकाया राशि व ब्याज में अधिकतम छूट का लाभ देते हुए लोक अदालत की भावना से प्रकरणों के निस्तारण में रुचि दिखार्ई। राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायालय में जाने से पूर्व ही निस्तारण हो जाने से बैंको को न्यायालय में दावा लगाने के लिए कोर्ट फीस, वकील खर्चा नहीं करना पड़ा तथा ऋणियों को भी लोक अदालत में छूट का लाभ मिला व प्रकरणों का तत्काल निस्तारण हो जाने से राहत प्राप्त हुई।
बैठक में ली नंदी गौशाला की प्रगति की जानकारी
जैसलमेर. गोपालन विभाग निदेशक डॉ. लालसिंह जैसलमेर प्रवास के दौरान पशुपालन विभाग कार्यालय में अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ एक बैठक का आयोजन किया। बैठक में जिले में मुख्यमंत्री बजट घोषणा के तहत नव स्थापित किए जाने वाली नंदी गौशाला की प्रगति की जानकारी ली। उक्त नंदी गौशाला जो कि अधिकतम लागत लगभग राशि 72.00 लाख व्यय होना तय है। जिसमें से 50 प्रतिशत राशि गोपालन विभाग की ओर से प्रदान की जाएगी और 30 प्रतिशत राशि स्वयं संस्था, जिसमें नंदी गौशाला स्थापित की जानी है, को व्यय करना होगा। मुख्यमंत्री बजट घोषणा के तहत बायोगैस सहभागिता योजना अन्तर्गत पात्र गौषाला में गौ संरक्षण एवं संवर्धन निधि नियम 2016 से सृजित निधि से गैस उत्पादन कर विद्युत क्षेत्र में आत्म निर्भर व स्वावलम्बी बनाने के उद्देश्य से 80 लाख रुपए की लागत से एक बायोगैस प्लांट स्थापित करने के लिए निर्देश दिए गए। बैठक में संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग डॉ. रामजीलाल मीणा को गोपालन की सभी योजनाओं के बारे में आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए विभिन्न किए गए कार्यों की समीक्षा की।