
जैसलमेर. शिव विधायक रविंद्रसिंह भाटी गुरुवार को जैसलमेर की तोताराम की ढाणी और बबर मगरा के आसपास क्षेत्र में पहुंचे। यहां उन्होंने गत दिनों नगरपरिषद की ओर से अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत की गई कार्रवाई का जायजा लिया और बेघर हुए लोगों से मुलाकात की। मौके पर पहुंचने पर शिव विधायक से लोगों ने मिल कर उनके सामने अपनी पीड़ाएं रखी। अनेक लोगों ने अपनी फाइलें पेश करते हुए विधायक को बताया कि वे विगत लम्बे अर्से से यहां आशियानें बना कर जीवन यापन कर रहे थे, लेकिन पिछले दिनों प्रस्तावित बृजराजसिंह आवासीय योजना का हवाला देते हुए नगरपरिषद के बुलडोजर दस्ते ने उनके घर तोड़ दिए और अब वे खुले आसमान तले रहने के लिए विवश हैं। कई महिलाओं व बालिकाओं ने भी निर्दलीय विधायक के सामने पीड़ा का इजहार किया। रविंद्रसिंह ने उनकी बातों को ध्यान से सुना और पूरी मदद करने का भरोसा दिलाया।
मौके का पैदल दौरा करने के बाद शिव विधायक ने एक आमसभा को भी सम्बोधित किया। जिसमें उन्होंने प्रदेश सरकार से कहा कि वह अगर किसी का भला नहीं कर सकती तो बुरा तो न करे। जैसलमेर सहित समूचे मारवाड़ क्षेत्र में बड़ी-बड़ी कम्पनियों को लाखों बीघा जमीन आवंटित की जा रही है, लेकिन गरीब व कमजोर आयवर्ग के व्यक्ति के लिए संवेदना नहीं है। भाटी ने कहा कि पूर्व महारावल बृजराजसिंह के नाम की कॉलोनी के नाम पर गरीबों को उजाडऩा पूरी तरह से गलत है। बृजराजसिंह ने लोगों को बसाने का काम किया था। सिंह ने उपस्थित लोगों को विश्वास दिलाया कि वे इस मामले में किए जाने वाले किसी भी संघर्ष हमेशा साथ रहेंगे।
बाद में सर्किट हाउस में पत्रकारों के साथ बातचीत में रविंद्रसिंह भाटी ने कहा कि उन्होंने आज जो हालात देखे हैं, उससे साफ पता चलता है कि गरीबों के साथ अन्यायपूर्ण कार्रवाई हुई है। जिन्हें उजाड़ा गया है, उनमें से अनेक लोगों के आवास बीते कई वर्षों से वहां बने हुए थे। उनके आधार कार्ड से लेकर राशन कार्ड वहां के हैं और बिजली के कनेक्शन भी हो रखे हैं। भाटी ने कहा कि वे निश्चित रूप से आने वाले दिनों में इस मामले को विधानसभा में उठाएंगे और जरूरत पड़ी तो सडक़ पर भी उतरेंगे। हालांकि हम नहीं चाहते कि कानून और व्यवस्था का मसला खड़ा हो और यहां के लोग भी ऐसा नहीं चाहते। सिंह ने कहा कि विकास के नाम पर हमारे पश्चिमी राजस्थान के आमजन के हितों पर कुठाराघात हुआ है।