-एसबीआई बैंक के बाहर खड़े दुपहिया वाहनों पर चढ ग़ई जीप
जैसलमेर. जैसलमेर के शिव मार्ग स्थित एसबीआई शाखा के बाहर खड़े दुपहिया वाहनों पर चालक के नियंत्रण खोने से जीप चढ ग़ई। इसके चलते करीब 10 दुपहिया सडक़ पर गिर गए और 2-3 को नुकसान भी पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बैंक में काम निपटाकर एक व्यक्ति ने वहां बाहर खड़ी अपनी जीप को जैसे ही स्टार्ट किया, गियर में होने से वह आगे बढ ग़ई। चार पहिया वाहन की टक्कर से वहां कतार में खड़े दुपहिया वाहन गिर गए। गनीमत यह रही कि कोई व्यक्ति उस समय वहां मौजूद नहीं था, वरना वह हादसे का शिकार हो सकता था। जिस पर जमा भीड ऩे राहत की सांस ली।
पहले भी होते रहे हैं हादसे
दरअसल जैसलमेर के हृदयस्थल गोपा चौक से सटा शिव मार्ग बीते एक दशक से हादसों के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील बन चुका है। पूर्व में भी यहां कई बार सेना व निजी क्षेत्र के ट्रकों से लेकर अन्य चार पहिया वाहनों की चपेट में सडक़ किनारे खड़े दुपहिया वाहन और साइन बोर्ड आदि चपेट में आ चुके हैं। छोटे-बड़े हादसे भी इस सडक़ पर घटित होते रहे हैं, इसके बावजूद यातायात पुलिस साल भर में बमुश्किल 25-30 दिनों के दौरान ही यहां सक्रिय नजर आती है।
सैकड़ों वाहनों का रहता है जमघट
षिव मार्ग का नीरज बस स्टेंड चौराहा तक का क्ष् ोत्र विगत सालों के दौरान वित्तीय गतिविधियों का केंद्र बनकर उभरा है। इस इलाके में करीब दो सौ मीटर के दायरे में एसबीआई (पूर्व की एसबीबीजे मुख्य शाखा), इंडसइंड, आइसीआइसीआइ, एचडीएफसी और एक्सिस बैंकों की षाखाओं के अलावा एक प्रमुख ट्रांसपोर्ट कम्पनी, सहकारी उपभोक्ता भंडार, कुछ होटलें, दर्जनों की संख्या में खाद-बीज से लेकर ऑटोमोबाइल व आयरन आदि की दुकानें आई हुई हैं। जिनके आगे सडक़ मार्ग पर ही दुपहिया व चार पहिया वाहन हमेशा खड़े ही रहते हैं। थोड़ी दूरी पर यहां भारी व हल्के वाहनों की पार्किंग भी बनी हुई है। जहां सेना और सीसुब के ट्रकों से लेकर लोडिंग टैक्सियां व अन्य कारें-जीपें खड़ी रहती हैं।
रोकने वाला कोई नहीं
शिव मार्ग जैसे व्यस्ततम मार्ग पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मी यदा-कदा ही नजर आते हैं। दिन के समय यहां कई बार यातायात जाम होने की नौबत आती रहती है। करीब 30 फीट चौड़ी सडक़ का आधा हिस्सा चार पहिया व दुपहिया वाहनों के बेतरतीब ढंग से खड़े रहने और बोर्ड आदि रखे होने से बाधित हो जाता है। दीवाली जैसे त्योहार और पर्यटन सीजन के उठाव पर होने के साथ ही महीने के शुरुआती दिनों में परिस्थितियां एकदम बेकाबू नजर आती हैं। इसके बावजूद यातायात पुलिस का ध्यान इस सडक़ मार्ग की ओर शायद ही कभी जाता है।