सोशल मीडिया की अफवाह है ‘भारत बंद’, -जैसलमेर में कोई सामाजिक संगठन अब तक नहीं आया आगे
जिला और पुलिस प्रशासन ने बुलाई बैठक
जैसलमेर. आगामी 10 अप्रेल को तथाकथित ‘भारत बंद’ को लेकर सोशल मीडिया पर जोर-शोर से जारी प्रचार के बीच जैसलमेर में जमीन पर कोई सामाजिक संगठन अब तक ऐसा करने के लिए आगे नहीं आया है। जिला और पुलिस प्रशासन ने इस संबंध में स्थितियों को साफ करने के लिए सोमवार को सामाजिक संगठनों की बैठक बुलाई है।जिसमें जिला कलक्टर कैलाशचंद मीना तथा पुलिस अधीक्षक गौरव यादव मौजूद रहेंगे।इस बीच राजपूत सेवा समिति की ओर से रविवार को सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा गया कि, किसी राजपूत संगठन ने 10 तारीख को जैसलमेर बंद के बारे में घोषणा अब तक नहीं की है।
पुलिस से लेनी होगी पूर्वानुमति
जिला पुलिस ने साफ किया है कि 10 तारीख को कथित भारत बंद के अंतर्गत जैसलमेर में बंद रखे जाने को लेकर अभी तक कोईसंगठन सामने नहीं आया है। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अलग-अलग संगठनों के प्रतिनिधियों से अपने स्तर पर बात भी की है। सभी ने 10 अप्रेल को जैसलमेर बंद अथवा जुलूस-प्रदर्शन जैसी किसी कार्रवाई से इनकार किया है।पुलिस की तरफ से पिछले दिनों के दौरान थाना स्तर पर सीएलजी बैठकों का आयोजन कर समाज के विविध वर्गों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद भी किया गया है। पुलिस ने साफ किया है कि किसी भी तरह की बंद अथवा विरोध प्रदर्शन आदि की कार्रवाई के लिए उसकी पूर्वानुमति ली जानी जरूरी है।
क्या कहा जा रहा सोशल मीडिया पर
अजा-जजा अत्याचार निवारण अधिनियम के संबंध में उच्चतम न्यायालय के आदेश तथा केंद्र सरकार के के विरोध में गत 2 अप्रेल को दलित समाज के संगठनों की ओर से भारत बंद आहूत किया गया था। उच्चतम न्यायालय के समर्थन में कथित रूप से सामान्य तथा ओबीसी वर्गों की ओर से 10 तारीख को बंद तथा विरोध प्रदर्शन करने को लेकर सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों फेसबुक, वॉट्सएप, इंस्टाग्राम आदि पर निरंतर प्रचार किया जा रहा है। प्रशासन व पुलिस को आशंका है कि अफवाह के तौर पर फैलाई जा रही यह बंद व प्रदर्शन की अपील अनावश्यक रूप से समाज में टकराव के हालात पैदा करेगी।
कोई नहीं आया सामने
10 अप्रेल को जैसलमेर में बंद और विरोध प्रदर्शन करने के संबंध में अब तक किसी संगठन ने हामी नहीं भरी है। स्थिति स्पष्ट करने के लिए जिला प्रशासन व पुलिस ने सामाजिक संगठनों को विचार विमर्श के लिए बुलाया है।
-गौरव यादव, जिला पुलिस अधीक्षक, जैसलमेर