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जैसलमेर: नशा-नेटवर्क पर सर्जिकल स्ट्राइक… चार दिन में बड़ी कार्रवाई

जैसलमेर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने चार दिन में लगातार कार्रवाई करते हुए पांच तस्करों को गिरफ्तार कर बड़ी मात्रा में अवैध नशा जब्त किया है।

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जैसलमेर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने चार दिन में लगातार कार्रवाई करते हुए पांच तस्करों को गिरफ्तार कर बड़ी मात्रा में अवैध नशा जब्त किया है। कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई इन कार्रवाइयों से शहर सहित ग्रामीण इलाकों में सक्रिय नशा तंत्र पर प्रभावी प्रहार माना जा रहा है। अभियान के तहत 7 अप्रेल से 11 अप्रेल के बीच की गई कार्रवाई में कुल 5 किलो से अधिक डोडा पोस्त तथा करीब 28 ग्राम एमडीएमए बरामद हुई। साथ ही एक कार भी जब्त की गई, जिसका उपयोग नशा परिवहन में किया जा रहा था। पुलिस अब जब्त सामग्री और वाहन के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पहली कार्रवाई में 7 अप्रेल को खुहड़ी क्षेत्र के जानरा निवासी प्रेमसिंह को 3 किलो 395 ग्राम डोडा पोस्त के साथ पकड़ा गया। इसके बाद 8 अप्रेल को खेतोलाई निवासी मनीष के कब्जे से 7.18 ग्राम एमडीएमए बरामद की गई। 9 अप्रेल को खींवसर निवासी भवानीसिंह और देरावसिंह को 21.43 ग्राम एमडीएमए के साथ गिरफ्तार किया गया। वहीं 11 अप्रेल को म्याजलार क्षेत्र के दव निवासी गोपालसिंह के पास से 1 किलो 722 ग्राम डोडा पोस्त और स्विफ्ट कार जब्त की गई। लगातार चार दिन चली इस कार्रवाई का पैटर्न दर्शाता है कि पुलिस को तस्करी से जुड़े ठोस इनपुट मिल रहे थे और उसी आधार पर अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी गई।

यह है हकीकत

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से एक साथ गिरफ्तारी होना इस बात का संकेत है कि तस्करी का नेटवर्क व्यापक स्तर पर फैला हुआ था। कुल 5 किलो से अधिक डोडा पोस्त जब्त, वहीं करीब 28 ग्राम एमडीएमए बरामद की गई। इसी तरह चार दिन में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की गई।

परिवहन में उपयोग वाहन जब्त

एमडीएमए जैसे सिंथेटिक ड्रग्स की बरामदगी यह दर्शाती है कि जिले में नशे का स्वरूप बदल रहा है। पारंपरिक नशों के साथ अब नए प्रकार के ड्रग्स की पहुंच भी बढ़ रही है, जो युवाओं के लिए अधिक खतरनाक साबित हो सकते हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर सप्लाई चेन के मुख्य स्रोत तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। कॉल डिटेल, संपर्कों और परिवहन के तरीकों की जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क को तोड़ा जा सके। पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे के अनुसार जिले में नशा तस्करों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।