दिवाली का त्योहार वैसे तो हर किसी के लिए खुशियों का संदेश लेकर आता है लेकिन इस मौके पर की जाने वाली आतिशबाजी से कई बार आग लगने की चिंता में डालने वाली घटनाएं भी सामने आती हैं।
दिवाली का त्योहार वैसे तो हर किसी के लिए खुशियों का संदेश लेकर आता है लेकिन इस मौके पर की जाने वाली आतिशबाजी से कई बार आग लगने की चिंता में डालने वाली घटनाएं भी सामने आती हैं। ऐसे में जैसलमेर नगरपरिषद ने इस बार सोनार दुर्ग के परकोटे की दीवार पर बने पे पर उगी हुई घास की कटाई का काम दिवाली से पहले शुरू करवाया है। दुर्ग के चारों ओर आग की बिसात को बिछने से रोकने का हाथ में लिया है। नगपरिषद ने शिव मार्ग से लगते सोनार दुर्ग के परकोटे पर घास काटने का काम करने के लिए श्रमिक लगा दिए हैं। वे आने वाले दिनों में पूरे परकोटे से घास को काटने की कार्रवाई को अंजाम देंगे। गौरतलब है कि इस बार मानसून के दौरान हुई अच्छी बारिश से जहां जिले भर में मवेशियों के लिए घास-पानी की व्यवस्था हो रखी है। इसी तरह से सोनार दुर्ग के परकोटे की दीवार के ऊपर पे के चारों तरफ परिधि क्षेत्र पर अच्छी बारिश के कारण उगी हुई घास अब तक पूरी तरह से सूख चुकी है।
विगत वर्षों के दौरान मानसून काल में पूरे किले के बाहरी भाग में उगी घास को दिवाली से पहले नहीं कटवाए जाने के कारण पर्व पर की जाने वाली आतिशबाजी की चिंगारियों की चपेट में आने से वहां आग लगने की घटनाएं घटित होती रही हैं।
-2 वार्ड में बंटा है जैसलमेर का ऐतिहासिक सोनार किला
-़450 परिवार निवास करते हैं दुर्ग के भीतर मोहल्लों में
-4 दर्जन से अधिक व्यापारिक प्रतिष्ठान भी हो रहे संचालित
-12 के करीब पर्यटन स्थल मौजूद है ऐतिहासिक सोनार किले में
नगरपरिषद की तरफ से दुर्ग के चारों तरफ उगी हुई घास की कटाई का काम शुरू करवा दिया गया है। दिवाली के त्योहार से पहले घास कटवाए जाने से वहां आतिशबाजी की चिंगारी आदि से आग लगने की आशंका नहीं रहेगी।