मोहनगढ़ कस्बे की आरसीपी कॉलोनी में गुरुवार दोपहर बाद बिजली के झूलते तारों के आपस में टकराने से निकली चिंगारी के कारण आग लग गई। चिंगारी सूखे पेड़-पौधों पर गिरने से आग तेजी से फैल गई और कुछ ही समय में विकराल रूप धारण कर लिया।
मोहनगढ़ कस्बे की आरसीपी कॉलोनी में गुरुवार दोपहर बाद बिजली के झूलते तारों के आपस में टकराने से निकली चिंगारी के कारण आग लग गई। चिंगारी सूखे पेड़-पौधों पर गिरने से आग तेजी से फैल गई और कुछ ही समय में विकराल रूप धारण कर लिया। घटना से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। आग की सूचना मिलते ही पास स्थित 128वीं पैदल वाहिनी (प्रादेशिक सेना) पर्यावरण राजरिफ मुख्यालय से जवान तत्काल मौके पर पहुंचे। कमान अधिकारी कर्नल मनोजीत ठाकुरे के निर्देश तथा मेजर अनंत कुमार सिंह एवं सूबेदार मेजर विष्णुसिंह के मार्गदर्शन में राहत कार्य शुरू किया गया। जवानों ने पानी के टैंकरों और बाल्टियों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। करीब डेढ़ घंटे की लगातार मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो आग और अधिक गंभीर रूप ले सकती थी। आग बुझने के बाद शाम के समय तेज आंधी भी चली, जिससे स्थिति और बिगड़ने की आशंका बनी हुई थी। इस घटना में तीन बिजली के पोल भी टूट गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
स्कूटर की खराबी और खराब सर्विस पर जैसलमेर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने आदेश किया है। आयोग ने संबंधित कंपनी को परिवादी का वाहन भीगने पर बंद होने की समस्या का स्थायी निराकरण करने और उसे अपने व्यय पर तैयार कर सुपुर्द करने का आदेश दिया है। इसके अतिरिक्त, कंपनी को मानसिक परेशानी पेटे 10,000 रुपए और परिवाद व्यय पेटे 5,000 रुपए भी अदा करने होंगे। यह आदेश निर्णय की तिथि से 45 दिन में पालना किया जाना है, अन्यथा 9 प्रतिशत की दर से ब्याज अदा करना होगा। आयोग के निजी सचिव सुधांश सोनी ने बताया कि विक्की सेवग ने निजी कम्पनी से 1,38,305 रुपए में एक इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदा था। 24 जुलाई 2023 को 999 रुपए में बुकिंग करने के बाद फाइनेंस बैंक से लोन लेकर 28 जुलाई 2023 को 1,00,000 रुपए का अंतिम भुगतान किया गया। कंपनी ने एक महीने में डिलीवरी का आश्वासन दिया, लेकिन वाहन 13 सितंबर 2023 को दिया गया। डिलीवरी के मात्र दो दिन बाद, 15 सितंबर 2023 को स्कूटर खराब होकर बंद हो गया। वाहन तुरंत शो-रूम पहुंचाया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। टोल फ्री नंबर पर शिकायत के बावजूद आज तक वाहन ठीक नहीं किया गया है और शो-रूम में ही खड़ा है। इसके बावजूद परिवादी को फाइनेंस बैंक की किश्तें चुकानी पड़ रही हैं, जो कंपनी की लापरवाही को दर्शाती है।