जब मन में कुछ कर गुजरने की तमन्ना हो तो लक्ष्य तक पहुंचने से कोई भी रोक नहीं सकता है। भीषण ठंड के प्रतिकूल मौसम में भी 101 भक्तों की टोली ने भागते हुए मध्यप्रदेश बाबा रामदेव मंदिर कान्हा धाम ग्राम सोडलपुर से 1100 किमी दूरी 69 घंटे में तय कर बुधवार को रामदेवरा पहुंचे। […]
जब मन में कुछ कर गुजरने की तमन्ना हो तो लक्ष्य तक पहुंचने से कोई भी रोक नहीं सकता है। भीषण ठंड के प्रतिकूल मौसम में भी 101 भक्तों की टोली ने भागते हुए मध्यप्रदेश बाबा रामदेव मंदिर कान्हा धाम ग्राम सोडलपुर से 1100 किमी दूरी 69 घंटे में तय कर बुधवार को रामदेवरा पहुंचे। जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश के श्री बाबा रामदेव मंदिर कान्हा धाम ग्राम सोडलपुर जिला हरदा से लगातार दूसरी बार रिले ध्वजा यात्रा का आयोजन किया गया। जिसमें 101 भक्तों ने भाग लिया। देश में खुशहाली की कामना को लेकर दूसरी बार इस रिले ध्वजा यात्रा का आयोजन भक्तों के द्वारा किया गया था।
करीब 1100 किलोमीटर का लंबा सफर सभी रिले धावकों ने बिना रुके लगातार भागते हुए 69 घंटे में सफलतापूर्वक पूरा करके बुधवार को रामदेवरा पहुंचे। सभी भक्तों ने बाबा रामदेव की समाधि पर अपने साथ लाई ध्वजा चढाकर देश मे खुशहाली की कामना की।इस अवसर पर आदित्य पटेल ने कहा कि इस यात्रा का दूसरी बार आयोजन किया गया है। कड़ाके की ठंड के बावजूद सभी धावकों का जोश व उत्साह देखते ही बनता था। रास्ते में बिना किसी रूकावट के परवाह किए सभी धावक बिना रुके लगातार हाथ में ध्वजा लिए बाबा रामदेव के जय जयकार करते हुए मध्य प्रदेश से रामदेवरा तक 1हजार 1सौ किलोमीटर का लंबा सफर सफलतापूर्वक पूरा किया।
इसमें सभी 101 धावकों ने अपना सहयोग दिया। इन सभी के सहयोग से यह रिले ध्वजा यात्रा बिना रुके अनवरत रूप से चलती रहि। गौरतलब है कि देश के अलग-अलग स्थान से लाखों लोग बाबा की समाधि के दर्शन करने के लिए रामदेवरा पहुंचते हैं। जिसमें रिले ध्वजा यात्रा, दंडवत यात्रा, पैदल यात्रा सहित अन्य तरह की यात्रा भी शामिल है। इतनी लंबी दूरी से लगातार भागते हुए आकर बाबा की समाधि के दर्शन करना अन्य लोगों के लिए भी काफी आकर्षक का केंद्र बना रहा। रामदेवरा पहुंचने पर बाबा रामदेव समाधि समिति कार्यालय में सभी धावकों का स्वागत अभिनंदन किया गया। स्थानीय माली धर्मशाला में सभी भक्तों के लिए महाप्रसाद का आयोजन किया गया।