
जैसलमेर. मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर स्थानीय कवि साहित्यकारों व साहित्य प्रेमियों ने उन्हें याद करते हुए उनके लिखे साहित्य पर चर्चा की। जिला पुस्तकालय में वरिष्ठ साहित्य कार दीनदयाल ओझा की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी में कवि ओम प्रकाश ‘अंकुर’ ने कहा कि प्रेमचंद हिन्दी व उर्दू साहित्य के सशक्त हस्ताक्षर है और उनके लिखे साहित्य को पढक़र कई पीढियों ने मार्गदर्शन प्राप्त किया। अंकुर ने प्रेमचंद को कलम का सिपाही बताया।
मणिक्कम ने कहा कि प्रेमचंद के उल्लेख के बिना हिन्दी साहित्य अधूरा है। प्रेमचंद दलित व शोषितों को पीड़ा को लेखन से उजागार किया। नरेन्द्र वासु ने प्रेमचंद की रचना प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रेमचंद माननीय संवेदनाओं के कुशल चितेरे थे। कवि आनन्द जगाणी ने कहा कि प्रेमचंद आम आदमी के दर्द को अभिव्यक करने वाले लेखक थे। हास्य कवि गिरधर भाटिया ने प्रेमचंद को इस्सानी जज्बातों को पढऩे वाला साहित्यकार बताया। उपन्यासकार डॉ. ओमप्रकाश भाटिया ने कहा कि प्रेमचंद को पढक़र ही साहित्य की समझ विकसित की जा सकती है। वरिष्ठ साहित्यकार नंद किशोर शर्मा ने प्रेमचंद को कालजयी रचनाकार बताते हुए कहा कि आज की युवा पीढी को साहित्य से जोडऩे की जरुरत है। कवि मांगीलाल सेवक ने प्रेमचंद के जीवन को दर्शाती कविता का पठन करते हुए उनके जीवन के संस्करण सुनाए। गोष्ठी के अध्यक्ष दीनदयाल ओझा ने प्रेमचंद को युगदृष्टा, युगसृष्टा व क्रान्तिकारी लेखक बताते हुए कहा कि उनकी रचनाओं ने आजादी को अलख जगाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संचालन मांगीलाल सेवक ने किया। गोष्ठी में चन्द्रप्रकाश भाटिया, राणमल दैया, विजय व्यास, उगमदान चारण, लक्ष्मण पुरोहित, नेमीचंद जैन सहित अन्य साहित्य प्रेमी उपस्थित थे। पुस्तकाल अध्यक्ष आनंद चौहान ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
राष्ट्रीय पौषाहार कार्यक्रम के संबंध में बैठक 6 को
जैसलमेर. जिले में राष्ट्रीय पौषाहार कार्यक्रम (एमडीएम) की जिला स्तरीय समीक्षा और संचालन समिति की बैठक जिला कलक्टर ओम कसेरा की अध्यक्षता 6 अगस्त को अपराह्न 3 बजे कलक्टे्रट सभाकक्ष में रखी गई है। यह जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी, प्रारम्भिक ने दी।