जैसलमेर

सुनहरी नगरी पर पसरती नशे की काली छाया, नशे के दलदल में धंस रहे युवाओं के सपने

स्वर्णनगरी जैसलमेर की शांत वादियों पर नशे की काली परछाई गहराती जा रही है। हाल ही में पुलिस ने 40 लाख रुपए कीमत की 177 ग्राम स्मैक बरामद कर नशे के जाल पर प्रहार किया।

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Jan 20, 2025

स्वर्णनगरी जैसलमेर की शांत वादियों पर नशे की काली परछाई गहराती जा रही है। हाल ही में पुलिस ने 40 लाख रुपए कीमत की 177 ग्राम स्मैक बरामद कर नशे के जाल पर प्रहार किया। यह कार्रवाई युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और इसके गंभीर परिणामों को उजागर करती है। भौतिक समृद्धि, कुसंगति, और सोशल मीडिया में खोखली शोहरत की चाह ने यहां के युवाओं को महंगे और घातक नशे की दलदल में धकेल दिया है। पिछले कुछ महीनों में पुलिस ने एमडीएमए (एमडी), स्मैक, डोडा-पोस्त और अफीम जैसे मादक पदार्थों के कई मामलों का खुलासा किया है। इन महंगे नशों का फैलाव अब सीमांत जैसलमेर तक हो चुका है। पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार एमडी, जिसे 'पार्टी ड्रग' भी कहा जाता है, 2000 से 3000 रुपए प्रति ग्राम बिक रही है। यह नशा अब यहां के युवाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से खोखला कर रहा है।

युवाओं को घेर रही महंगे नशे की दलदल

महंगे नशे की लत ने युवाओं को अपराध की ओर धकेल दिया है। चोरी, छीनाझपटी और नशे की तस्करी जैसे अपराध इस लत को पूरा करने के साधन बनते जा रहे हैं। इसके अलावा, पर्यटकों के साथ गठजोड़ कर स्थानीय युवा स्मैक, चरस, और एमडी जैसे मादक पदार्थों की सप्लाई में लिप्त पाए गए हैं। सूत्र बताते हैं कि शहर के कुछ गेस्ट हाउस और होटल इस काले कारोबार का अड्डा बन चुके हैं, जहां नशे का खुला सौदा होता है।

एसपी ने कहा - पढ़ाई और रोजगार से संवर सकता है भविष्य

जैसलमेर के पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी की ओर से युवाओं से अपील की गई है कि नशे से दूर रहकर अपने भविष्य को संवारने में जुटें। जैसलमेर को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस, जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग मिलकर विशेष अभियान चलाएंगे। पुलिस अधीक्षक ने युवाओं को कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों का लाभ उठाने का सुझाव दिया। उनका कहना है कि मेहनत और शिक्षा ही युवाओं को नशे की इस काली छाया से बाहर निकाल सकती है।

Published on:
20 Jan 2025 11:56 pm
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