
पोकरण(जैसलमेर). लोकदेवता बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथ महाराज का आश्रम गत दो दिनों से बंद होने से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही है। उन्हें सैंकड़ों किमी की यात्रा कर आने के बाद दर्शन नहीं होने से निराशा हो रही है। गौरतलब है कि इन दिनों मेला चल रहा है तथा प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु बाबा रामदेव की समाधि के दर्शनों के लिए रामदेवरा पहुंच रहे है। यहां आने वाले श्रद्धालु उनके गुरु बालीनाथ महाराज के आश्रम के दर्शनों के लिए पोकरण आते है, जिससे यहां भी श्रद्धालुओं की लम्बी कतारें लगती है। गत दो दिनों से आश्रम के पुजारियों की आपसी लड़ाई एवं विवाद के कारण आश्रम पर प्रशासन की ओर से कुर्क कर ताले लगा दिए गए। जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन नहीं हो पा रहे है तथा उन्हें पिछवाड़े स्थित एक खिडक़ी से दर्शन कर अथवा बंद दरवाजे के आगे धोक लगाकर पुन: लौटना पड़ रहा है। उपखण्ड प्रशासन की ओर से आश्रम को कुर्क कर उस पर ताले लगा दिए जाने के कारण बुधवार शाम व गुरुवार को दिनभर यहां आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी हुई। श्रद्धालुओं ने खिडक़ी से ही दर्शन किए।
यह है आश्रम का ऐतिहासिक महत्व व विवाद
-कस्बे के सालमसागर तालाब के पीछे खसरा संख्या 1100 में दो बीघा व तीन बिसवा भूमि राजस्व रिकॉर्ड में बालीनाथ महाराज के आश्रम से दर्ज है।
-यहां सैंकड़ों वर्ष पुराना बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथ महाराज का आश्रम बना हुआ है। यह स्थान लोकदेवता बाबा रामदेव के इतिहास से जुड़ा हुआ है।
-यहीं पर गुरु बालीनाथ महाराज ने बाबा रामदेव को गूदड़ी ओढाकर भैरव राक्षस से बचाने के लिए छुपाया था, लेकिन बाबा रामदेव ने भैरव राक्षस का वध कर इस क्षेत्र को उसके आतंक से मुक्ति दिलाई थी।
-यहां पर बालीनाथ महाराज का आश्रम, उनकी गुफा व गूदड़ी के दर्शनों के लिए प्रतिवर्ष ***** मेले के दौरान लाखों जातरु यहां आते है।
-यहां बालीनाथ महाराज के वंशज चुतरनाथ, ओमनाथ व महेन्द्रनाथ बारी-बारी से पूजा करते है।
-गत कई दिनों से मेले के दौरान इस वर्ष पूजा को लेकर उन तीनों पुजारियों में विवाद चल रहा है। यहां पर शांतिभंग होने, विवाद व तनाव की स्थिति बढाने एवं यहां आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी को देखते हुए उपखण्ड अधिकारी की ओर से बुधवार की शाम चार बजे आश्रम को कुर्क करते हुए ताले लगा दिए गए।
श्रद्धालु हो रहे है परेशान
बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथ महाराज के वंशज पीढियों से आश्रम की पूजा करते आ रहे है। उनके पास सैंकड़ों वर्ष पुराने आश्रम के पट्टे व अधिकार पत्र है। बुधवार की शाम अचानक उपखण्ड प्रशासन की ओर से उन्हें बिना किसी जानकारी के आश्रम को कुर्क करते हुए ताले लगा दिए गए। जिससे देश के कोने-कोने से आ रहे जातरु परेशान हो रहे है। इसके लिए वे जिला कलक्टर से मिलकर अपनी बात बताएंगे तथा जरुरत पड़ती है, तो वे न्यायालय में भी जाएंगे।
ओमनाथ, पुजारी बालीनाथ महाराज आश्रम, पोकरण।
विवाद के कारण आश्रम को लगाए ताले
आश्रम में पूजा की बारी को लेकर आए दिन विवाद व तनाव की स्थिति हो रही है। जिसके चलते उसकी ओर से उपखण्ड अधिकारी को परिवाद पेश किया गया था। कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आश्रम को कुर्क किया गया है।
महेन्द्रनाथ, पुजारी बालीनाथ महाराज आश्रम, पोकरण।
श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए खोला जाएगा आश्रम
मंदिर के पुजारियों की ओर से विवाद के चलते अलग-अलग परिवाद दिए गए थे। झगड़े, तनाव व परिशांति भंग होने तथा यहां आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह का नुकसान नहीं हो, इसके लिए प्रशासन की ओर से आश्रम को कुर्क किया गया है। गुरुवार को तहसीलदार को रिसीवर नियुक्त कर दिया गया है। शुक्रवार से आश्रम को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। यहां पर्याप्त संख्या में सुरक्षाबल तैनात कर दिए जाएंगे, ताकि किसी भी तरह की शांति व्यवस्था भंग नहीं हो।
अनिलकुमार जैन, उपखण्ड अधिकारी, पोकरण।