लुप्त प्राय: गोडावण की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राजस्थान के राजकीय पक्षी गोडावण की भारतीय वन्यजीव संस्थान की ओर से की गई राष्ट्रीय वैज्ञानिक गणना में जैसलमेर और आसपास के क्षेत्र में कुल 198 गोडावण दर्ज किए गए हैं। 50 से अधिक टीमों और 200 से ज्यादा वैज्ञानिकों, स्वयंसेवकों और वनकर्मियों ने फील्ड में भ्रमण कर आंकड़ा जुटाया है।
लुप्त प्राय: गोडावण की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राजस्थान के राजकीय पक्षी गोडावण की भारतीय वन्यजीव संस्थान की ओर से की गई राष्ट्रीय वैज्ञानिक गणना में जैसलमेर और आसपास के क्षेत्र में कुल 198 गोडावण दर्ज किए गए हैं। 50 से अधिक टीमों और 200 से ज्यादा वैज्ञानिकों, स्वयंसेवकों और वनकर्मियों ने फील्ड में भ्रमण कर आंकड़ा जुटाया है।
जानकारी के अनुसार सर्वे में सामने आया कि खुले जंगल और डेजर्ट नेशनल पार्क क्षेत्र में 130 गोडावण हैं, जबकि रामदेवरा और सम स्थित ब्रीडिंग सेंटर्स में 68 पक्षी मौजूद हैं। 2017 में गोडावण की कुल संख्या 128 थी। इसमें ब्रीडिंग सेंटर्स की बड़ी भूमिका मानी जा रही है। गौरतलब है कि जैसलमेर में रामदेवरा व सुदासरी में ब्रीडिंग सेंटर्स संचालित किए जा रहे हैं। जहां कृत्रिम प्रजनन कार्यक्रम के तहत जंगलों से गोडावण के अंडों को सुरक्षित उठाकर उन्हें इन केंद्रों में हैच किया जाता है और चूजों का विशेष निगरानी में पालन-पोषण किया जाता है। माना जाता है कि दुनिया के करीब 70 प्रतिशत गोडावण जैसलमेर में हैं।