मोहनगढ़ इंदिरा गांधी नहर के अंतिम छोर जीरो आरडी पर सिंचाई पानी की मांग को लेकर किसानों का जारी धरना सोमवार को 19वें दिन प्रशासनिक आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया। पिछले कई दिनों से जिला प्रशासन व नहर विभाग के अधिकारियों के वार्ता के लिए नहीं पहुंचने से किसानों में रोष था।
मोहनगढ़ इंदिरा गांधी नहर के अंतिम छोर जीरो आरडी पर सिंचाई पानी की मांग को लेकर किसानों का जारी धरना सोमवार को 19वें दिन प्रशासनिक आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया। पिछले कई दिनों से जिला प्रशासन व नहर विभाग के अधिकारियों के वार्ता के लिए नहीं पहुंचने से किसानों में रोष था। धरने के 19वें दिन जिला कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में तहसीलदार राजेंद्रसिंह, एडिशनल चीफ रामखिलाड़ी मीणा, रेगुलेशन के अधिशासी अभियंता कप्तान मीणा, एसएमजी के अधिशासी अभियंता सुनील बिश्नोई, एसबीएस के अधिशासी अभियंता रोहित जोरवाल तथा 19वें खंड के अधिशासी अभियंता मनीष सहित विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने किसान नेताओं से वार्ता कर जैसलमेर जोन को शेयर अनुसार सिंचाई पानी उपलब्ध कराने तथा वरीयता क्रम में चल रही नहरों को सुचारु रूप से संचालित करने का आश्वासन दिया। धरने में किसान नेता साहबान खां, कमल सिंह नरावत, लुमाराम, बाबूराम गोदारा, आजम खां सांवरा, हसन खां सांवरा, कादर बक्श, भारत सिंह, कासम खां, निजाम खां, सुखदेव धतरवाल, कृष्णाराम, मदनलाल, शालूराम, जसराज, खुमाराम, जवाहरनगर सरपंच प्रतिनिधि किरताराम बेनीवाल, गिरधारीराम सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
गौरतलब है कि पिछले 18 दिनों से किसान जीरो आरडी पर लगातार धरने पर बैठे थे और प्रशासन से वार्ता नहीं होने के कारण आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दे रहे थे। इससे पूर्व चक्का जाम की घोषणा भी की गई थी। किसानों का कहना था कि जब तक हक का पूरा सिंचाई पानी नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सोमवार को प्रशासन की ओर से सकारात्मक आश्वासन मिलने पर सभी किसान नेताओं ने आपसी सहमति से 19वें दिन धरना स्थगित करने की घोषणा की।