पोकरण क्षेत्र के बड़ली नाथूसर गांव से देवलपुरा तक वर्षों पूर्व निर्माण करवाई गई डामर सड़क पूरी तरह से बिखरकर क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण राहगीरों व वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
पोकरण क्षेत्र के बड़ली नाथूसर गांव से देवलपुरा तक वर्षों पूर्व निर्माण करवाई गई डामर सड़क पूरी तरह से बिखरकर क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण राहगीरों व वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हो रही है। जिम्मेदारों की ओर से सड़क की मरम्मत या नवनिर्माण को लेकर कोई कवायद नहीं की जा रही है। जानकारी के अनुसार बड़ली नाथूसर से देवलपुरा तक वर्षों पूर्व डामर सड़क का निर्माण करवाया गया था। निर्माण के बाद समय पर मरम्मत नहीं किए जाने के कारण सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। बीते वर्षों में सड़क की न तो देखरेख की गई, न ही कोई सार-संभाल। ऐसे में सड़क का डामर उखड़ चुका है और जगह-जगह गहरे गड्ढ़े हो गए है। मार्ग पर हर समय राहगीरों व वाहन चालकों का आवागमन लगा रहता है। रात को पर्याप्त रोशनी के अभाव में यहां हुए गहरे गड्ढ़ों के कारण हर समय हादसे की आशंका भी बनी रहती है।
पोकरण से बड़ली नाथूसर से देवलपुरा होते हुए बेलदारों की ढाणी माड़वा एवं जैमला जाने वाली यह सड़क कम दूरी की है। जिससे यहां दिन रात राहगीरों, ग्रामीणों व किसानों का आवागमन रहता है। साथ ही देवलपुरा में प्रसिद्ध चंदु मैया व देवल माता का मंदिर भी स्थित है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शनों के लिए आते है। प्रतिमाह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को यहां मेला भी भरता है। इसमें सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचते है। जिनमें से अधिकांश श्रद्धालु पदयात्रा कर आते है।