जैसलमेर

तपती रेत पर बही उम्मीदों की धार, अमृतम् जलम् बना मरु में जीवन का उत्सव

 जल संकट से जूझते मरुस्थलीय जैसलमेर जिले में राजस्थान पत्रिका के अमृतम् जलम् अभियान ने रविवार को जनभागीदारी की नई मिसाल पेश की।
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Apr 06, 2025
jsm news

 जल संकट से जूझते मरुस्थलीय जैसलमेर जिले में राजस्थान पत्रिका के अमृतम् जलम् अभियान ने रविवार को जनभागीदारी की नई मिसाल पेश की। जिले के फलसूंड, मोहनगढ़ और पोकरण क्षेत्र में पारंपरिक जल स्रोतों को संवारने के लिए सामूहिक श्रमदान किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा और छात्र उत्साह से शामिल हुए। रविवार सुबह 8 बजे अभियान की शुरुआत फलसूंड कस्बे के सैणी तालाब से हुई। यह तालाब वर्षों से उपेक्षा झेल रहा था, लेकिन श्रमदान के जरिए इसकी सफाई और गहराई बढ़ाने का कार्य किया गया। ग्रामीणों, विद्यार्थियों और युवाओं ने अपने श्रम से इस ऐतिहासिक जलधार को फिर से जीवन्त कर दिया। सुबह 10 बजे मोहनगढ़ स्थित गंगासागर तालाब पर श्रमदान हुआ। यह तालाब न केवल ऐतिहासिक धरोहर है बल्कि क्षेत्र में पेयजल का मुख्य स्रोत भी है। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से इस तालाब की सफाई कर जल संरक्षण का संदेश दिया। उसी समय पोकरण क्षेत्र के माड़वा गांव में स्थित अगरलाई नाड़ी पर भी श्रमदान किया गया। वर्षों से उपेक्षित इस पारंपरिक जल स्रोत को ग्रामीणों ने मिलकर संवार दिया। साफ-सफाई के बाद नाड़ी की छवि पूरी तरह बदल गई और लोगों में इसके प्रति जिम्मेदारी का भाव भी जागा।

Updated on:
06 Apr 2025 08:27 pm
Published on:
06 Apr 2025 08:27 pm