केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री और जोधपुर-पोकरण सांसद गजेन्द्रसिंह शेखावत का शुक्रवार को पोकरण पहुंचने पर स्वागत व अभिनंदन किया गया। केन्द्रीय मंत्री शेखावत शुक्रवार शाम पोकरण पहुंचे।
केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री और जोधपुर-पोकरण सांसद गजेन्द्रसिंह शेखावत का शुक्रवार को पोकरण पहुंचने पर स्वागत व अभिनंदन किया गया। केन्द्रीय मंत्री शेखावत शुक्रवार शाम पोकरण पहुंचे। यहां विधायक कार्यालय में पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी, पूर्व विधायक सांगसिंह भाटी, शैतानसिंह राठौड़, भाजपा प्रदेश मंत्री आईदानसिंह भाटी, जिलाध्यक्ष दलपत हींगड़ा, महामंत्री संतोष पालीवाल, मंत्री मदनसिंह राजमथाई, श्रवण पूनिया, कंवराजसिंह चौहान, पूर्व जिलाध्यक्ष जुगलकिशोर व्यास, गजरूपसागर मठ के महंत बालभारती, अमृताराम महाराज, पूर्व पालिकाध्यक्ष मनीष पुरोहित, पूर्व प्रधान भगवतसिंह तंवर सहित विभिन्न मंडलों के अध्यक्ष और कार्यकर्ताओं की ओर से साफा व मालाएं पहनाकर स्वागत व अभिनंदन किया गया। इसी प्रकार कस्बे के भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की ओर से 21 किलो की माला पहनाई गई। जिस पर मंत्री शेखावत ने सभी का आभार जताया।
इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने जनसुनवाई की। कस्बे के साथ ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने अपने ज्ञापन सुपुर्द किए। मंत्री ने एक-एक परिवादी से मिलकर उनकी समस्याएं सुनी और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समस्या के निराकरण के लिए निर्देशित किया। इस दौरान सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
विधायक महंत प्रतापपुरी ने संबोधित करते हुए कहा कि उनका हर समय प्रयास रहता है कि पोकरण का विकास हो। इसके लिए वे हरसंभव प्रयास कर रहे है। उन्होंने कहा कि हर काम होना संभव नहीं है और आवश्यकताएं पूरी नहीं होती है, लेकिन विकास रुकता नहीं है। उन्होंने ओरण-गोचर को रिकॉर्ड में दर्ज करवाने को लेकर कहा कि वे पूरी तरह से इसमें लगे हुए है। इस संबंध में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से भी सार्थक चर्चा हुई है। उन्होंने क्षेत्र में ग्राम पंचायत स्तर पर गोचर के लिए प्रस्ताव लेने की भी बात कही। इससे पूर्व जिलाध्यक्ष दलपत हींगड़ा ने सभी का स्वागत किया।
इस मौके पर पूर्व विधायक सांगसिंह भाटी ने कहा कि जिले की सबसे बड़ी मांग व मुद्दा ओरण-गोचर को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने की है। उन्होंने कहा कि जिले से लोग पैदल यात्रा कर जयपुर जा रहे है। उन्होंने कहा कि ओरण सभी लोगों की आस्था से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने ओरण व गोचर रिकॉर्ड में दर्ज करवाने की मांग की है। संचालन मदनसिंह राजमथाई ने किया।
समारोह के दौरान सब मंच से केन्द्रीय मंत्री को संबोधन के लिए आमंत्रित किया गया, इस दौरान कुछ लोग अपने ज्ञापन लेकर खड़े थे। जिस पर केन्द्रीय मंत्री ने जनसुनवाई शुरू कर दी। जिसके कारण सभी लोग अपनी समस्याएं व ज्ञापन लेकर खड़े हो गए। जिसके बाद मंत्री भी जनसुनवाई कर रवाना हो गए और संबोधित नहीं किया।