
जैसलमेर. बिना टिकट और अनियमित यात्रा करने वालों पर रेलवे की सख्ती का असर टिकट जांच से होने वाली आय पर भी दिखाई दिया है। जोधपुर मंडल ने जुलाई में टिकट जांच अभियान के दौरान 1 करोड़ 20 लाख 51 हजार 674 रुपए की वसूली की। मंडल का निर्धारित लक्ष्य 95 लाख 16 हजार रुपए था। इस तरह मंडल ने लक्ष्य से 25 लाख 35 हजार 674 रुपए अधिक, यानी 26.65 प्रतिशत अधिक राजस्व जुटाया।
जुलाई में चलाए गए विशेष टिकट जांच अभियान के दौरान बिना टिकट यात्रा, अनियमित यात्रा और बिना बुक सामान से जुड़े करीब 16 हजार मामले पकड़े गए। जांच अभियान मंडल के प्रमुख रेलखंडों और ट्रेनों में चलाया गया।
जोधपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव ने बताया कि मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के निर्देश पर जुलाई में ट्रेनों और स्टेशनों पर सघन टिकट जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट और अनियमित यात्रा के मामलों में 36 लाख 2 हजार 253 रुपए किराया तथा 84 लाख 47 हजार 686 रुपए जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा बिना बुक सामान के तीन मामलों में 1,735 रुपए की वसूली हुई।
रेलवे ने ट्रेनों और स्टेशनों पर टिकट जांच को और प्रभावी बनाया है। मंडल के विभिन्न रेलखंडों में जांच दल लगातार सक्रिय हैं। समय-समय पर औचक जांच कर बिना टिकट और अनियमित यात्रा करने वाले यात्रियों को पकड़ा जा रहा है। रेलवे का उद्देश्य बिना टिकट यात्रा पर अंकुश लगाने के साथ वैध टिकट लेकर यात्रा करने के प्रति यात्रियों को जागरूक करना भी है।
रेलवे अधिनियम में जन विश्वास संशोधन अधिनियम, 2026 के तहत बदलाव के बाद बिना उचित टिकट यात्रा करना अब महंगा पड़ेगा। 20 जून 2026 से लागू संशोधित प्रावधानों में रेलवे अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत न्यूनतम अतिरिक्त शुल्क 250 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया गया है। बिना टिकट पकड़े जाने पर लागू किराए के साथ यह अतिरिक्त शुल्क भी देना होगा।
जोधपुर मंडल में रेलवे परिसरों और ट्रेनों में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी कार्रवाई की गई। जुलाई में धूम्रपान के 86 मामलों में 1 लाख 72 हजार रुपए तथा गंदगी फैलाने के 37 मामलों में 1 लाख 73 हजार रुपए जुर्माना वसूला गया।