
जैसलमेर. स्वर्णनगरी में हाइ-प्रोफाइल शादियों का सिलसिला जारी है। ऐसे ही एक शादी समारोह में भाग लेने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जैरड कुषनर गुरुवार को जैसलमेर पहुंच रहे हैं। जैरड अमेरिकी राष्ट्रपति की बड़ी पुत्री इवांका के पति होने के साथ उनके वरिष्ठसलाहकार भी हैं। गौरतलब है कि जैरड के साथ इवांका के भी पहले आने की खबरें आई थी, लेकिन बुधवार को यहां मिली जानकारी के अनुसार इवाकां जैसलमेर नहीं आएंगी। जैरड गुरुवार को दोपहर बाद करीब 3 बजे चार्टर विमान से सिविल एयरपोर्ट पर उतरेंगे। उनकी इस यात्रा को लेकर जैसलमेर जिला एवं पुलिस प्रशा सन हाई अलर्ट मोड पर हैं। सिविल एयरपोर्ट के प्रभारी अधिकारी राजीव पुनेठा ने गुरुवार को उनके चार्टर विमान से जैसलमेर आने की पुष्टि की।
डेरा डाले हुए हैं अमेरिकी अधिकारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार और दामाद के जैसलमेर आने का कार्यक्रम गत दिनों निर्धारित हुआ। इसके बाद से भारत में अमेरिकी दूतावास तथा वहां की सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने जैसलमेर में डेरा डाल रखा है। वे प्रशासन व पुलिस अधिकारियों के सतत सम्पर्क में हैं। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों के साथ जैरडकी यात्रा के दौरान उन्हें मुहैया करवाई जाने वाली सुरक्ष् ाा के संबंध में चर्चा की।जानकारी मिली है कि गुरुवार को जैसलमेर सिविल एयरपोर्ट से लेकर सम मार्ग स्थित सितारा होटल जहां जैरड ठहरने वाले हैं, तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे। शादी समारोह उक्त होटल में ही आयोजित होने जा रहा है। पुलिस के अलावा अन्य सुरक्ष् ाा व गुप्तचर एजेंसियां उनकी सुरक्षा में जुटेंगी।
‘व्यक्ति का समग्र विकास करती है शिक्षा’
जैसलमेर. आदर्श विद्या मन्दिर माध्यमिक जैसलमेर में अभिभावक सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आगाज अतिथियों की ओर से दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस दौरान विद्या मन्दिर के विद्यार्थियों की ओर से विज्ञान व गणित मॉडल की प्रदर्शनी लगाई गई। अतिथियों की ओर से उसका अवलोकन करते हुए श्रेष्ठ छात्रों को पुरस्कृत किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में विद्या मन्दिर के पूर्व छात्र गौतम खत्री ने अनुभव बयां किए। मुख्य वक्ता व व्याख्याता केशरसिंह सूर्यवंशी ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति का समग्र विकास करती है। समिति के सह व्यवस्थापक पदमसिंह ने अतिथियों का परिचय करवाया। अध्यक्ष थिरपालदास ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन आचार्य हरवीरसिंह ने किया।