
पोकरण. शहर को आधुनिक सभागार और सार्वजनिक आयोजनों के लिए टाउन हॉल देने की घोषणा बड़े स्तर पर हुई, शिलान्यास भी समारोहपूर्वक किया गया, लेकिन निर्माण की जमीनी तस्वीर अब भी अधूरी चारदीवारी तक सिमटी है। करीब 10 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित इस परियोजना पर बजट का इंतजार भारी पड़ रहा है। नौ माह बीतने के बावजूद भवन की नींव तक नहीं खुदी। कार्यकारी एजेंसी रुडसीको के अनुसार सरकार से राशि नहीं मिलने के कारण काम बंद है। ऐसे में सवाल केवल निर्माण की धीमी रफ्तार का नहीं, बल्कि तय समय-सीमा में परियोजना पूरी होने और शुरुआती निर्माण की गुणवत्ता का भी है।
राज्य सरकार ने फरवरी 2025 में पोकरण में टाउन हॉल बनाने की घोषणा की थी। इसके करीब एक वर्ष बाद नगरपालिका ने फलसूंड रोड पर खींवज मंदिर के सामने लगभग पांच बीघा जमीन उपलब्ध करवाई। गत 2 फरवरी को यहां शिलान्यास हुआ। परियोजना में वातानुकूलित सभागार, डिजिटल मंच, ध्वनि और प्रकाश व्यवस्था तथा पार्किंग जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं। लेकिन घोषणा और समारोह के बाद निर्माण की गति अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही।शिलान्यास के बाद शुरुआती करीब दो माह तक स्थल पर निर्माण शुरू नहीं हो सका। इसके बाद काम शुरू हुआ, लेकिन रफ्तार धीमी रही। नौ माह में केवल चारदीवारी का कुछ हिस्सा बन पाया है। इसकी ऊंचाई भी फिलहाल करीब दो से तीन फीट है, जबकि इसे और ऊंचा बनाया जाना है। भवन निर्माण की शुरुआत तक नहीं हुई और पिछले कई दिनों से मौके पर काम पूरी तरह बंद है।
परियोजना की कार्यकारी एजेंसी राजस्थान शहरी पेयजल, सीवरेज एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (रुडसीको) है। एजेंसी ने निविदा प्रक्रिया पूरी कर निर्माण शुरू करवाया था। हालांकि, स्वीकृत राशि उपलब्ध नहीं होने से भुगतान और काम आगे बढ़ने की प्रक्रिया अटक गई। अधिशासी अभियंता राजेश व्यास के अनुसार टाउन हॉल के लिए करीब 10 करोड़ रुपए स्वीकृत हैं, लेकिन सरकार से राशि नहीं मिलने के कारण काम बंद है। राशि मिलने पर ही निर्माण दोबारा शुरू हो सकेगा।मौके पर बनी चारदीवारी से सीमेंट उखड़ने लगा है। कुछ हिस्सों में पत्थरों के निकलने की आशंका भी जताई जा रही है। निर्माण स्थल पर नियमित देखरेख और रखरखाव की व्यवस्था नजर नहीं आ रही। हालांकि, गुणवत्ता को लेकर किसी तकनीकी जांच की रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है, इसलिए अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही निकलेगा। फिलहाल शुरुआती निर्माण की स्थिति ने निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
टाउन हॉल का निर्माण करीब डेढ़ वर्ष में पूरा होना है। नौ माह बीत चुके हैं और भवन की नींव तक नहीं खुदी। ऐसे में शेष अवधि में पूरा निर्माण कराना बड़ी चुनौती है। तकनीकी दृष्टि से जरूरी है कि काम दोबारा शुरू करने से पहले बनी चारदीवारी की गुणवत्ता की जांच हो, निर्माण की चरणबद्ध समय-सीमा तय की जाए और नियमित निगरानी सुनिश्चित हो। बजट जारी होने के साथ निर्माण की प्रगति और गुणवत्ता की जवाबदेही भी तय करनी होगी।
परियोजना लागत : 10 करोड़ रुपए से अधिक
भूमि : फलसूंड रोड पर करीब पांच बीघा
शिलान्यास : 2 फरवरी
निर्माण अवधि : करीब डेढ़ वर्ष
नौ माह में स्थिति : केवल अधूरी चारदीवारी
करीब 10 करोड़ रुपए टाउन हॉल के लिए स्वीकृत है। सरकार से राशि नहीं मिलने के कारण कार्य बंद है। राशि मिलने के बाद कार्य शुरू हो पाएगा।
- राजेश व्यास, अधिशासी अभियंता रुडसीको, जैसलमेर