
दीपावली से पूर्व बाजार में सजी दुकानें।
जैसलमेर. दीपावली का बाजार इस बार सिर्फ खरीदारी की रौनक नहीं, बल्कि कारोबार, लागत, मांग और रोजगार के बदलते समीकरणों की कहानी भी कह रहा है। स्वर्णनगरी के मुख्य बाजारों में शामिल गांधी चौक स्थित बाजार में दुकानदारों ने त्योहार के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। दुकानों पर सजावटी सामान, गिफ्ट आइटम, रोशनी के उत्पाद और घर को नया रूप देने वाली वस्तुओं की सजावट दिखाई देने लगी है। कारोबारियों की नजर अब ग्राहकों की आवाजाही यानी फुटफॉल और वास्तविक खरीदारी पर है। कारोबारियों के लिए असली सफलता बिक्री में तब्दील होने वाली ग्राहकी होगी। जिसके लिए उन्होंने अपने स्तर पर व्यापक तैयारियां कर रखी हैं। दरअसल, ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते चलन के बावजूद ऐसे सैकड़ों ग्राहक हैं जो किसी भी वस्तु को दुकान पर जाकर अपनी नजरों से देखना और हाथ में लेकर परखना चाहते हैं, ऐसे लोग दीपावली के अवसर पर बाजारों को गुलजार बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
गांधी चौक के बाजार में रेडिमेड वस्त्रों से लेकर रोजमर्रा के जीवन में काम आने वाली वस्तुओं की दुकानें सजी हुई हैं। इसके अलावा यहां घरों की साज-सज्जा में काम आने वाले झूमर, वॉल हैंगिंग, सजावटी गमले, मूर्तियां और आकर्षक सजावटी वस्तुएं, घरों और प्रतिष्ठानों की सजावट के लिए विभिन्न डिजाइन की रोशनी वाली वस्तुएं और रिश्तेदारों, परिचितों और व्यावसायिक संपर्कों के लिए अलग-अलग बजट के उपहार खरीदने के विकल्प हैं। साथ ही बाजार में मिठाई की दुकानों पर त्योहार पर घुलने वाली मिठास का इंतजाम किया जा रहा है।
दीपावली का कारोबार केवल दुकानदारों तक सीमित नहीं रहता। थोक विक्रेताओं से सामान खरीदने वाले छोटे कारोबारी, बाहर से उत्पाद मंगवाने वाले सप्लायर, स्थानीय कारीगर और परिवहन से जुड़े लोग भी इस आर्थिक गतिविधि का हिस्सा बनते हैं। उत्पादों की मांग के अनुसार स्टॉक मंगाने, सजावटी वस्तुओं को तैयार करने, पैकिंग और दुकानों तक पहुंचाने में अतिरिक्त श्रम की जरूरत पड़ती है। इससे त्योहार के दौरान अस्थायी रोजगार के अवसर भी बनते हैं।
कारोबारियों के सामने इस बार मांग के साथ लागत का हिसाब भी महत्वपूर्ण है। थोक खरीद मूल्य, कच्चा माल, परिवहन, पैकेजिंग और श्रम लागत का असर उत्पादों की अंतिम कीमत पर पड़ सकता है। ऐसे में ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए उचित दरों पर सामान उपलब्ध कराना दुकानदारों की चुनौती है, जिसे वे स्वीकार कर रहे हैं। ग्राहक भी डिजाइन के साथ कीमत और उपयोगिता का तुलनात्मक आकलन कर रहे हैं।
सामान कीमत
रेडिमेड वस्त्र 300 से 3500 रुपए
पायदान 50 से 400 रुपए
पर्दा 200 से 2000 रुपए
बेडशीट 300 से 2500 रुपए
ब्लांकेट 300 से 5000 रुपए
जूते-चप्पल 100 से 2200 रुपए
लेदर आइटम 200 से 6000 रुपए
स्टेशनरी 05 से 500 रुपए
त्योहार के दौरान बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बढऩा सकारात्मक संकेत है। दीपावली हमारे देश का सबसे बड़ा त्योहार है। इस अवसर पर प्रत्येक परिवार कुछ न कुछ वस्तु की खरीदारी करता है। जैसलमेर के बाजार को भी इस दीपपर्व से बड़ी उम्मीदें हैं।
- रमेश कुमार खत्री, दुकानदार
ऑनलाइन खरीदारी के विकल्पों के बीच स्थानीय बाजार की खासियत है कि ग्राहक सामान को देखकर, छूकर और परखकर खरीद सकता है। दुकानदार से सीधे बातचीत और पसंद के अनुसार विकल्प चुनने की सुविधा भी मिलती है। इससे ग्राहकों को भरपूर संतुष्टि मिलती है।
- कमलकांत व्यास, दुकानदार
दीपावली का यह सीजन स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी अहम है। दुकानदारों से लेकर थोक विक्रेताओं, सप्लायरों और कारीगरों तक इसकी आर्थिक कड़ी जुड़ी है। हमेशा की भांति इस बार भी बाजार को सम्बल मिलने की आशा है।
- समेलाराम बालोच, दुकानदार
दीपपर्व के मौके पर जैसलमेर में देशी पर्यटकों का हुजूम भी उमड़ता है। वर्ष भर में इस सीजन का हर किसी को इंतजार रहता है। पर्यटकों को स्थानीय हस्तशिल्प से जुड़े उत्पाद विशेष तौर पर पसंद आते हैं। जैसलमेर का नाम भी देश-दुनिया में पहुंचता है।
- अशोक कुमार, दुकानदार
Updated on:
30 Oct 2026, 8:51 PM IST
Published on:
30 Oct 2026, 8:51 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.