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jaisalmer: दीपावली की खरीदारी से गुलजार रहता है पुराना पंसारी बाजार, कपड़ों से मनिहारी तक सजे बाजार

दीपावली की दस्तक के साथ जैसलमेर के पुराने पंसारी बाजार की गलियों में रौनक लौटने लगी है। कपड़ों से लेकर मनिहारी, जूते-चप्पल और घरेलू जरूरतों के सामान तक दुकानों पर सजी नई रेंज त्योहार की खरीदारी का आकर्षण बढ़ा रही है। परंपरागत बाजार की पुरानी पहचान के बीच सुबह-शाम ग्राहकों की बढ़ती आवाजाही से उत्सवी रंग गहराने लगे हैं।
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जैसलमेर

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Deepak Vyas

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Updated: 31 Oct 2026, 9:01 PM IST

jaisalmer

पंसारी बाजार दुकान में सजा सामान।

जैसलमेर. दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही शहर के पुराने बाजारों में रौनक बढऩे लगी है। रोशनी और उत्साह के इस पर्व को लेकर जैसलमेर के पुराने पंसारी बाजार में भी खरीदारी का माहौल बनने लगा है। शहर के प्रमुख और पुराने व्यापारिक क्षेत्रों में शुमार इस बाजार में कपड़ों, मनिहारी, किराना, जूते-चप्पल सहित रोजमर्रा और घरेलू उपयोग के सामान की दुकानें ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं। दुकानों पर त्योहार की तैयारियों के अनुरूप नए उत्पाद सजाए गए हैं। कहीं महिलाओं के लिए साज-शृंगार और मनिहारी का सामान उपलब्ध है तो कहीं बच्चों और बड़ों के लिए कपड़ों की नई रेंज ग्राहकों को लुभा रही है। जूते-चप्पलों की दुकानों पर भी अलग-अलग डिजाइन और बजट के विकल्प मौजूद हैं। दीपावली पर नए कपड़े पहनने और घर-परिवार के लिए खरीदारी करने की परंपरा के चलते बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बढऩे लगी है। खासकर सुबह और शाम के समय बाजार में चहल-पहल दिखाई देने लगी है। बाजार की पुरानी पहचान और दुकानों की विविधता के चलते शहर के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी लोग यहां खरीदारी के लिए पहुंचते हैं।

हर जरूरत का सामान एक ही बाजार में

पंसारी बाजार दशकों से शहरवासियों की खरीदारी का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां कपड़ों की दुकानों पर महिलाओं, पुरुषों और बच्चों के लिए अलग-अलग वैरायटी उपलब्ध है। वहीं मनिहारी की दुकानों पर चूडिय़ां, बिंदी, सौंदर्य प्रसाधन और साज-शृंगार से जुड़ी वस्तुओं की बिक्री होती है। जूते-चप्पलों की दुकानों पर भी त्योहार के मद्देनजर नए डिजाइन और रेंज सजाई गई हैं। दीपावली पर घर के सदस्यों के लिए नए कपड़े, बच्चों के लिए जूते-चप्पल और महिलाओं के लिए शृंगार का सामान खरीदने का विशेष उत्साह रहता है। ऐसे में बाजार में हर आयु वर्ग और जरूरत के अनुरूप विकल्प मौजूद हैं। ग्राहकों की पसंद और बजट को ध्यान में रखते हुए दुकानदारों ने भी अपनी दुकानों पर विभिन्न कीमतों के उत्पाद रखे हैं। ऑनलाइन खरीदारी और बड़े शोरूम के बढ़ते चलन के बीच पुराने बाजार की खासियत यह है कि यहां एक ही क्षेत्र में कई तरह की दुकानें होने से ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार सामान देख और पसंद कर सकते हैं।

विविध वस्तुएं और उनकी कीमतें

सामान कीमत

काजू 800 से 1500 रुपए प्रतिकिलो

बादाम 1000 से 3500 रु. प्रतिकिलो

गोंद 300 से 1500 रु. प्रतिकिलो

रेडिमेड वस्त्र 300 से 2500 रुपए

बेडशीट 200 से 1500 रुपए

जूते-चप्पल 150 से 3500 रुपए

लेडिज कपड़ा 300 से 3500 रुपए

अब तेजी आने की संभावना

व्यापारियों के लिए दीपावली का सीजन साल के महत्वपूर्ण कारोबारी अवसरों में शामिल है। हालांकि शुरुआती दिनों में खरीदारी की गति सामान्य बनी हुई है, लेकिन कारोबारियों को धनतेरस और दीपावली के नजदीक आने के साथ बाजार में तेजी आने की उम्मीद है। दुकानदारों का कहना है कि लोग त्योहार पर परिवार के लिए खरीदारी करने के साथ बजट का भी ध्यान रख रहे हैं। ऐसे में ग्राहक एक दुकान से दूसरी दुकान पर जाकर कीमत और गुणवत्ता की तुलना कर रहे हैं। बाजार में स्थानीय ग्राहकों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले खरीदारों की आवाजाही भी कारोबार को गति देती है। पुराने पंसारी बाजार की दुकानों में सजी नई रेंज और त्योहार के अनुरूप तैयारियां इस बात का संकेत हैं कि व्यापारी भी अच्छे कारोबार की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

परिचर्चा -

दीपावली पर लोग अपने और परिवार के लिए नए जूते-चप्पल खरीदते हैं। इसी को देखते हुए अलग-अलग डिजाइन और कीमतों के उत्पाद रखे हैं। ग्राहक अब गुणवत्ता और कीमत दोनों देखकर खरीदारी कर रहे हैं। त्योहार के अंतिम दिनों में बिक्री बढऩे की संभावना है।

- दीपक भाटी, दुकानदार

पुराना पंसारी बाजार शहर का पुराना व्यापारिक केंद्र है। यहां कपड़े, मनिहारी, जूते-चप्पल सहित कई तरह का सामान एक ही क्षेत्र में मिल जाता है। पुराने ग्राहकों का बाजार से जुड़ाव बना हुआ है। त्योहार पर आसपास के क्षेत्रों से भी लोग खरीदारी के लिए आते हैं। उम्मीद है कि इस बार अच्छा कारोबार होगा।

- रेणु लखारा, दुकानदार

दीपावली पर नए कपड़े खरीदने की परंपरा के चलते इस सीजन का कारोबार के लिहाज से विशेष महत्व है। लोग परिवार के सभी सदस्यों के लिए कपड़े खरीदते हैं। इस बार भी नई वैरायटी मंगवाई है। उम्मीद है कि धनतेरस से दीपावली तक ग्राहकी में अच्छा इजाफा होगा।

- विजय कुमार, दुकानदार

महिलाओं की पसंद का ध्यान

त्योहार पर महिलाएं शृंगार और सजावटी सामान की खरीदारी को प्राथमिकता देती हैं। महिलाएं और पुरुष अपनी पसंद व जरूरत के मुताबिक कपड़ों की सिलाई करवाने पहुंचते हैं।

- मेवाराम गर्ग, सिलाई मास्टर