जैसलमेर जिले के झिनझिनयाली थाना क्षेत्र में एक सडक़ हादसे में दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। शनिवार दोपहर करीब 2 बजे तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर निंबली फांटा पर सडक़ किनारे एक खेत की कंटीली तारबंदी में घुस गई।
जैसलमेर जिले के झिनझिनयाली थाना क्षेत्र में एक सडक़ हादसे में दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। शनिवार दोपहर करीब 2 बजे तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर निंबली फांटा पर सडक़ किनारे एक खेत की कंटीली तारबंदी में घुस गई। बाइक पर सवार दोनों युवकों की मौके पर मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार चंदाराम (25) पुत्र भूराराम मेघवाल और कंवराराम (25) पुत्र पदमाराम मेघवाल निवासी रेडाणा, रामसर जिला बाड़मेर किसी काम के सिलसिले में झिनझिनियाली आए हुए थे। शनिवार दोपहर जब दोनों बाइक से वापस गांव लौट रहे थे, उस समय निंबली फाटा के पास उनकी तेज रफ्तार बाइक अचानक रपट गई और बेकाबू होकर खेत की तारबंदी में घुस गई। मृतक आपस में रिश्तेदार थे। वहां मौके से गुजर रहे लोगों ने घटना के बारे में झिनझिनियाली थाना पुलिस को जानकारी दी। सूचना मिलते ही जाब्ते के साथ थानाधिकारी मौके पर पहुंचे। शवों का पोस्टमॉर्टम करवा कर शव परिजनों को सौंपे गए।
विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर धरोहर, संस्कृति और संरक्षण एक साझा जिम्मेदारी थीम पर आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ शनिवार को गड़ीसर झील परिसर में उत्साह के साथ हुआ। आयोजन में रचनात्मक गतिविधियों और सांस्कृतिक जागरूकता का अनूठा संगम देखने को मिला। पहले दिन आयोजित प्रतियोगिताओं में करीब 250 स्कूली विद्यार्थियों ने भाग लिया।
रेखाचित्र, चित्रकला, हस्तशिल्प और स्क्रैप कलाकृति जैसी प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने जैसलमेर की संस्कृति, स्थापत्य, जल स्रोत, बाजार, जैव विविधता और उपेक्षित धरोहरों को अपने सृजन में उकेरा। प्रतिभागियों को कक्षा 5वीं से 7वीं, 8वीं से 10वीं और 11वीं से 12वीं तक तीन वर्गों में विभाजित किया गया। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण सार्वजनिक कला कैनवास रहा, जिसमें स्थानीय नागरिकों ने सामूहिक रूप से भाग लेकर कलाकृति का निर्माण किया। इस पहल से धरोहर संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ सामुदायिक सहभागिता को मजबूती मिली। शाम को आयोजित प्रदर्शनी में प्रतिभागियों की कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और पर्यटक प्रदर्शनी देखने पहुंचे। इस दौरान विशेषज्ञों ने धरोहर संरक्षण के महत्व पर विचार साझा किए और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम में पुरातत्व विभाग के संरक्षण सहायक महेंद्र सिंह मुख्य अतिथि रहे।
विशिष्ट अतिथियों में महेंद्र सिंह सिसोदिया, ओमप्रकाश भाटिया, विक्रम सिंह नाचना, मेघना सिंह और जयनारायण भाटिया शामिल रहे। आयोजन के दूसरे दिन रविवार को सुबह गड़ीसर सरोवर से सालम सिंह की हवेली होते हुए सोनार दुर्ग तक एजुकेशनल हेरिटेज वॉक आयोजित की जाएगी।