जैसलमेर

उत्तराखंड हादसा: जैसलमेर की ज्योत्सना का 6 दिन बाद मिला शव, डॉक्टर बेटे समेत 5 की मौत, मां-बेटी की तलाश जारी

उत्तराखंड के देवप्रयाग में 2 जून को अलकनंदा नदी में गिरी कार हादसे में 6 दिन बाद जैसलमेर की 16 वर्षीय ज्योत्सना परिहार का शव घटनास्थल से 10 किमी दूर मिला। इसके साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है। वहीं, मां गुड्डी देवी और बहन नम्रता अब भी लापता हैं।
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Jun 08, 2026
Uttarakhand Devprayag Accident
ज्योत्सना परिहार (फोटो सोशल मीडिया)

Uttarakhand Devprayag Accident: जैसलमेर: उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने राजस्थान के जैसलमेर के एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। चारधाम यात्रा पर निकला यह परिवार उस वक्त हादसे का शिकार हो गया, जब उनकी कार अनियंत्रित होकर अलकनंदा नदी में जा गिरी। इस भयानक दुर्घटना के 6 दिन बाद, रविवार को रेस्क्यू टीम ने 16 साल की ज्योत्सना परिहार का शव बरामद कर लिया है।

बता दें कि ज्योत्सना का शव दुर्घटना वाली जगह से करीब 10 किलोमीटर दूर कौड़ियाला इलाके से मिला। इस दुखद हादसे में अब तक ड्राइवर समेत 5 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, ज्योत्सना की मां और बहन अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश में रेस्क्यू टीमें जुटी हुई हैं। परिवार का इकलौता 12 साल का बच्चा अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है।

कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?

मूल रूप से जैसलमेर के रहने वाले 27 वर्षीय डॉक्टर दिनेश कुमार माली दिल्ली एम्स (AIIMS) में कार्यरत थे। वे 26 मई को अपने पूरे परिवार के साथ उत्तराखंड की चारधाम यात्रा के लिए निकले थे। यात्रा की शुरुआत में उन्होंने अपने पिता लूणाराम को हरिद्वार के पतंजलि आश्रम में पंचकर्म थेरेपी के लिए रुकवा दिया था।

इसके बाद डॉक्टर दिनेश अपनी मां कमला देवी (67), बड़ी बहन गुड्डी देवी (40), भांजी अश्लेषा (18), भांजे आयुष्मान (12) और भांजी नम्रता (20) व ज्योत्सना (16) के साथ इनोवा कार से आगे की यात्रा पर निकल गए।

2 जून को यह परिवार बद्रीनाथ धाम के दर्शन करके वापस हरिद्वार लौट रहा था, ताकि वहां से पिता को साथ लेकर घर वापस राजस्थान जा सकें। लेकिन टिहरी जिले के देवप्रयाग में गंगा दर्शन होटल के पास उनकी कार अचानक बेकाबू हो गई। कार सड़क से उतरकर करीब 200 मीटर गहरी खाई में गिरते हुए सीधे उफनती अलकनंदा नदी में जा समाई।

रेस्क्यू ऑपरेशन और अब तक के हालात

हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और नदी के तेज बहाव के बीच बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। रेस्क्यू टीमों ने नदी के भीतर से दुर्घटनाग्रस्त इनोवा कार को ढूंढ निकाला। कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी, लेकिन उसके अंदर कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था। सभी लोग नदी के तेज बहाव में बह गए थे।

शुरुआत में मिले चार शव

हादसे के बाद शुरुआती तलाशी में डॉक्टर दिनेश कुमार माली, उनकी मां कमला देवी, भांजी अश्लेषा और कार के ड्राइवर अमित के शव नदी से निकाल लिए गए थे। इन चारों मृतकों का 5 जून को हरिद्वार में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

एक बच्चे की बची जान

इस पूरे हादसे में 12 साल के बच्चे आयुष्मान को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। उसे गंभीर हालत में पहले श्रीनगर बेस अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे एयरलिफ्ट करके ऋषिकेश एम्स रेफर किया गया। वहां उसका इलाज चल रहा है।

10 किमी दूर मिला ज्योत्सना का शव

हादसे के बाद से ही तीन लोग लापता थे। एसडीआरएफ के गोताखोरों ने नदी के 8 किलोमीटर के दायरे में लगातार खोजबीन की। आखिरकार 7 जून को घटनास्थल से 10 किलोमीटर दूर कौड़ियाला के पास नदी से 16 साल की ज्योत्सना का शव बरामद हुआ।

मां-बेटी की तलाश अभी भी जारी

ज्योत्सना का शव मिलने के बाद इस हादसे में मरने वालों की संख्या 5 हो गई है। हालांकि, परिवार के दो सदस्य ज्योत्सना की मां गुड्डी देवी (40) और उनकी बड़ी बहन नम्रता (20) अभी भी लापता हैं। उत्तराखंड प्रशासन और गोताखोरों की टीमें नदी के तेज बहाव और खतरनाक रास्तों के बीच लगातार दोनों की तलाश कर रही हैं।

Updated on:
08 Jun 2026 12:12 pm
Published on:
08 Jun 2026 12:12 pm