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पूर्व मंत्री बीडी कल्ला की अफसरों को चेतावनी : सरकार बदली तो होगा ‘हिसाब’, निकाय चुनाव में गड़बड़ी का आरोप

राजस्थान में चल रहे निकाय प्रमुखों के चुनाव के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है। पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बीडी कल्ला ने अब अफसरों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी करने वाले अफसरों पर उनकी नजर है।
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जैसलमेर

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Kamal Mishra

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Updated: 19 Sep 2026, 10:09 PM IST

BD Kalla

Jaisalmer: पत्रकारों से बातचीत करते डॉ. बीडी कल्ला (फोटो-पत्रिका)

जैसलमेर। राजस्थान में नगरीय निकाय प्रमुखों के चुनाव के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को लेकर बड़ा बयान दिया है। शनिवार को जैसलमेर में पत्रकार वार्ता के दौरान कल्ला ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी निकाय चुनाव में अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों पर नजर रखी जा रही है और प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कल्ला ने कहा कि यदि किसी अधिकारी को राजनीति करनी है तो वह नौकरी छोड़कर राजनीतिक मैदान में आए। उन्होंने कहा कि सरकारी पद पर रहते हुए किसी राजनीतिक दल के पक्ष में काम करना संविधान और प्रशासनिक निष्पक्षता के अनुरूप नहीं है।

अफसरों की भूमिका पर उठाए सवाल

पूर्व मंत्री बीडी कल्ला ने आरोप लगाया कि निकाय चुनाव के दौरान पुलिस, प्रशासन और सरकारी एजेंसियों के जरिए कांग्रेस समर्थित पार्षदों पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष रहनी चाहिए और पद के दुरुपयोग की शिकायतों पर निर्वाचन आयोग को कार्रवाई करनी चाहिए।

जैसलमेर में ठहरे हैं बीकानेर के कांग्रेस पार्षद

कल्ला ने बताया कि बीकानेर नगर निगम के नवनिर्वाचित कांग्रेस पार्षदों को जैसलमेर के एक होटल में ठहराया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां पुलिसकर्मी बिना सर्च वारंट पहुंचे और पार्षदों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया। कल्ला ने इसे पार्षदों की निजता से जुड़ा मामला बताते हुए राज्य निर्वाचन आयोग से शिकायत पर कार्रवाई की मांग की।

कल्ला ने यह भी दावा किया कि प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी कांग्रेस पार्षदों पर दबाव बनाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि निकाय प्रमुखों के चुनाव में पार्षदों को स्वतंत्र रूप से मतदान करने का अवसर मिलना चाहिए।

राजस्थान में निकाय चुनाव के बाद कई नगर निगमों, नगर परिषदों और नगरपालिकाओं में महापौर एवं सभापति पद के चुनाव होने हैं। इसी बीच कांग्रेस और भाजपा दोनों ने अपने पार्षदों को अलग-अलग स्थानों पर ठहराया है। कांग्रेस ने कई जगह पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं।

बीकानेर में होटल को नोटिस का मामला भी उठा

कल्ला ने बीकानेर में कांग्रेस से जुड़े पार्षद के होटल को जारी प्रशासनिक नोटिस का मुद्दा भी उठाया। बीकानेर विकास प्राधिकरण ने पार्षद मनोज बिश्नोई के रानी बाजार स्थित होटल शौर्य 3.0 को लेकर अंतिम नोटिस जारी किया है। नोटिस में होटल के संचालन और दस्तावेजों से संबंधित आपत्तियां बताई गई हैं। कांग्रेस ने इसे चुनाव से पहले दबाव बनाने की कार्रवाई बताया है, जबकि नोटिस प्रशासनिक कार्रवाई के तौर पर जारी किया गया है।

यह वीडियो भी देखें :

अधिकारियों पर कांग्रेस की नजर

कल्ला ने कहा कि कांग्रेस पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रही है। उन्होंने अधिकारियों से चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्ष भूमिका निभाने की अपील करते हुए कहा कि सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किसी राजनीतिक दल के पक्ष में नहीं होना चाहिए।