
जैसलमेर. राजस्थान ग्राम विकास अधिरकारी संघ प्रदेश के आह्वान पर एक दिवसीय सामूहिक अवकाश एवं कार्य बहिष्कार कर पंचायत समितियों पर धरना प्रदर्शन किया गया। जिला मंत्री भंवरलाल गर्ग ने बताया कि सत्यप्रकाश चौधरी, ग्राम विकास अधिकारी काकरोली घाटी कोटड़ी पंचायत समिति भीलवाड़ा के साथ मारपीट करने पर आरोपियों को २० दिन बाद भी गिरफ्तार नहीं करने के विरोध में किया गया। ज्ञापन विकास अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री, ग्रामीण विकास पंचायती राज विभाग, मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव आदि को भेजे गए हैं। ज्ञापन देने वालों में ग्राम विकास अधिकारी भंवरलाल गर्ग, ईश्वरसिंह भाटी, शलेन्द्रसिंह, भैराराम, डूंगरराम, रवि कुमार आदि ने सामुहिक अवकाश पर रहे।
पोकरण. राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन कर कार्य का बहिष्कार किया तथा पंचायत समिति सांकड़ा कार्यालय में धरना देकर मुख्यमंत्री के नाम विकास अधिकारी को ज्ञापन सुपुर्द किया और भीलवाड़ा में ग्राम विकास अधिकारी के साथ हुई मारपीट के मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की। ग्राम विकास अधिकारी संघ के स्थानीय अध्यक्ष गुलाबसिंह के नेतृत्व में अधिकारियों ने बुधवार को पंचायत समिति सांकड़ा कार्यालय परिसर में धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन विकास अधिकारी को सुपुर्द कर बताया कि भीलवाड़ा जिलांतर्गत पंचायत समिति कोटड़ी के ककरोलिया घाटी ग्राम पंचायत में नवनियुक्त ग्राम विकास अधिकारी सत्यप्रकाश चौधरी के साथ गत 10 जुलाई को मारपीट हुई। जिसको लेकर पुलिस में मामला भी दर्ज करवाया गया, लेकिन अभी तक आरोपियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार करने, जांच अधिकारी बदलने आदि की मांग की। बुधवार को ग्राम विकास अधिकारियों ने कार्य का भी बहिष्कार किया। जिससे ग्रामीणों को अपने कामकाज को लेकर परेशानी हुई।
नया एटा को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग
मदासर (पोकरण). ग्राम पंचायत चिन्नू के नया एटा के ग्रामीणों ने जिला कलक्टर व राजस्व मंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग की है। चिन्नू उपसरपंच मांगूकंवर, झबरसिंह, आसूसिंह, भूरसिंह, आमसिंह, खेतसिंह, कंवराजसिंह सहित ग्रामीणों ने जिला कलक्टर व राजस्व मंत्री को प्रेषित किए ज्ञापन में बताया कि पूर्व में एटा गांव के 1975 में पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में चले जाने के कारण एटा के ग्रामीणों ने चिन्नू ग्राम पंचायत के पास आकर निवास किया। उन्हें यहां रेंज विस्थापित के तौर पर भूमि का आवंटन कर दिया गया। गत 43 वर्ष से एटा के ग्रामीण यहां नया एटा के नाम से बस्ती में निवास कर रहे है। राजस्व गांव नहीं होने के कारण ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। उन्होंने नया एटा को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग की है।