जैसलमेर

विरासत के संग विकास की मिलेगी नई पहचान…गड़ीसर प्रोल को मिलेगा नया रूप

जैसलमेर शहर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाले प्रवेश द्वार गड़ीसर प्रोल का अब नया स्वरूप सामने आने वाला है। नगरपरिषद की ओर से इस प्राचीन द्वार के सौंदर्यीकरण और विस्तारीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है।

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Apr 24, 2026

जैसलमेर शहर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाले प्रवेश द्वार गड़ीसर प्रोल का अब नया स्वरूप सामने आने वाला है। नगरपरिषद की ओर से इस प्राचीन द्वार के सौंदर्यीकरण और विस्तारीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है। करीब 82 लाख रुपए की लागत से करवाए जा रहे इस कार्य से एक तरफ शहर की विरासत को संवारा जाना है, दूसरी ओर यहां से गुजरने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए यह आकर्षण का अतिरिक्त केंद्र बनेगा और आवाजाही में सुविधा होगी। गड़ीसर प्रोल विगत दशकों ही नहीं बल्कि रियासतकाल से शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों में से एक रहा है। यह द्वार ऐतिहासिक गड़ीसर सरोवर के पास स्थित होने के कारण पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र भी है। ऐसे में नगरपरिषद ने इस क्षेत्र को और अधिक व्यवस्थित और आकर्षक बनाने के लिए यह योजना तैयार की है। कार्य के तहत पुराने ढांचे को संरक्षित रखते हुए उसकी मरम्मत, रंग-रोगन और पारंपरिक शैली में सजावट की जा रही है, ताकि इसकी ऐतिहासिक पहचान बनी रहे।

स्मारक का भी होगा विकास

कार्य के तहत अमर शहीद सागरमल गोपा के स्मारक का भी विकास किया जाएगा। वर्षों से गड़ीसर प्रोल का विस्तार कर वहां अमर शहीद की प्रतिमा लगा कर और उसके चारों तरफ रैलिंग लगाई हुई है। अब इस क्षेत्र को अधिक व्यवस्थित और दर्शनीय बनाया जाएगा, जिससे यहां आने वाले लोग स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के योगदान को बेहतर तरीके से समझ सकें। गोपा की प्रतिमा पर नई छतरी का निर्माण करवाया जाएगा। स्मारक परिसर में साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और बैठने की सुविधाओं को भी बेहतर किया जा सकता है। इससे यह स्थान न केवल ऐतिहासिक दृष्टि से बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बन सकेगा।

करवाया जा रहा प्रोलों का निर्माण

इसके अलावा, गड़ीसर प्रोल के दोनों ओर नई प्रोलों का निर्माण भी किया जा रहा है। माना जा रहा है कि इन नई प्रोलों के बनने से यातायात का दबाव कम होगा और वाहनों की आवाजाही सुगम हो सकेगी। वर्तमान में संकरी जगह के कारण यहां अक्सर जाम जैसी स्थिति बन जाती है, जिसे इस विस्तारीकरण के बाद काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा। नई प्रोलों का डिजाइन भी पारंपरिक स्थापत्य शैली के अनुरूप रखा जा रहा है, ताकि पुराने और नए का संतुलन बना रहे। यह पूरी तरह से जैसलमेरी पत्थर से निर्मित की जा रही है। वर्तमान में एक तरफ की प्रोल का कार्य शुरू हो गया है। नगरपरिषद अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य शहर की ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित रखते हुए उसे आधुनिक सुविधाओं से जोडऩा है। कार्य पूर्ण होने के बाद गड़ीसर प्रोल क्षेत्र एक आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगा, जिससे स्थानीय व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इस प्रकार के कार्यों से जैसलमेर की पहचान और मजबूत होगी तथा शहर की सुंदरता में बढ़ोतरी होगी। साथ ही उनकी ओर से क्षेत्र में अतिक्रमणों और अवैध कब्जों की समस्या के समाधान की भी मांग की जा रही है।

शहर की नई पहचान

गड़ीसर प्रोल के सौन्दर्यकरण और उसके दोनों ओर नई प्रोलों के निर्माण से स्वर्णनगरी को एक नई पहचान मिल सकेगी। आने वाले समय में यह क्षेत्र न केवल शहरवासियों के लिए बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी एक प्रमुख आकर्षण केंद्र बनेगा।

- लजपालसिंह सोढ़ा, आयुक्त, नगरपरिषद, जैसलमेर

Published on:
24 Apr 2026 08:54 pm
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