जैसलमेर

आखिर क्यों ? जगह-जगह विरोध के स्वर हुए मुखर, किसानों में रोष 

जैसलमेर जिले में विद्युत व्यवस्था पूर्ण रूप से चरमराने के कारण जगह-जगह किसानों की ओर से विरोध के स्वर मुखर रहे है। कृषि क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था चरमराने से किसानों में रोष है।

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Nov 18, 2024

जैसलमेर जिले में विद्युत व्यवस्था पूर्ण रूप से चरमराने के कारण जगह-जगह किसानों की ओर से विरोध के स्वर मुखर रहे है। कृषि क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था चरमराने से किसानों में रोष है। रबी की सीजन शुरू हुए को 20 दिन होने के बावजूद किसानों को कृषि नलकूपों पर अघोषित विद्युतापूर्ति कटौती कर 6 घंटो की जगह तीन घंटे ही विद्युतापूर्ति दी जा रही है। सोमवार को किसानों की ओर से जिले के झिनझिनयाली में डिस्कॉम व फतेहगढ़ के लखा कनिष्ठ अभियंता का 132 जीएसएस पर घेराव कर विरोध जताया। विरोध में झिनझिनयाली, तेजमालता, लखा, निम्बली, गजेसिंह का गांव, लाखानियों की ढाणी क्षेत्र के किसानों ने बताया कि आगामी तीन दिनों में विद्युतापूर्ति में सुधार नहीं किए जाने की स्थिति में 132 जीएसएस पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। किसानों ने लखा कनिष्ठ अभियंता महेंद्र कुमार को ज्ञापन देकर विद्युतापूर्ति व्यवस्था में सुधार करने की मांग की है। पुलिस थाना अधिकारी को भी जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर अगवत कराया कि रबी सीजन में महज तीन घंटे बिजली मिल पा रही है। तीन घंटे विद्युतापूर्ति के कारण कृषि नलकूपों पर जीरे की फसलों की बिजाई करना मुश्किल हो गया है। जीरे की अच्छी बिजाई नही होने के कारण किसान कर्ज तले दब जाएंगे। ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधि मंडल में लक्षमणसिंह, बाबूसिंह, नैनसिंह, गणपतसिंह, पृथ्वीराजसिंह,शम्भूसिंह, झबराराम, जनकसिंह, महेंद्रसिंह, गोपालसिंह, भोमसिंह, जयसिंह, मनोहरसिंह, रेवंतसिंह, दलपतसिंह, विक्रमसिंह, देवीसिंह, छोटूसिंह, जयसिंह आदि के हस्ताक्षर है।

Published on:
18 Nov 2024 08:30 pm
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