
डाबला. जैसलमेर के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों लोगों को पानी और बिजली की भारी समस्या का सामना करना पड रहा है। जिम्मेदारों की लापरवाही का खामियाजा स्थानीय लोगों को झेलना पड़ रहा है। इसी क्रम में जिला मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूर मूलाना गांव के हेमसिंह की ढाणी में दो महीने से पेयजल आपूर्ति ठप है। जानकारी के मुताबिक मवेशियों व ढाणी निवासियों के लिए आफत बनी हुई है दो महीने से ग्रामीण और पशुधन पानी के लिए भटक रहे हैं। मूलाना गांव से 10 किलोमीटर दूर हेमसिंह की ढाणी वाशिन्दो की ओर से अधिकारियों को अवगत करवाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई हैं। ढाणी निवासी लखसिंह सोढ़ा व नाथूसिह सोढ़ा ने बताया कि गर्मी में पानी की समस्या बनी हुई है।
यहां भी हाल बड़ा बेहाल है...
ग्राम पंचायत कपूरिया क्षेत्र की चांदावता की ढाणी पांचा में गत 2 साल से ग्रामीण व पशुधन पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक पेयजल आपूर्ति का जिम्मा नादा गांव के कर्मचारियों के भरोसे है। कर्मचारी होने के बावजूद चांदावता की ढाणी में जलापूर्ति प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने बताया की ढाणी में गत 2 वर्षों से जलापूर्ति बंद है, जिससे ग्रामीणों को 1500 रुपए देकर पानी खरीद कर मंगवाना पड़ रहा है। यहां के ग्रामीण पशुपालन और खेती पर ही निर्भर है। शुरुआती दौर में साजीत नलकूप 6 महीने पेयजल आपूर्ति हुई थी बाद में साजित ट्यूबवेल खराब होने के कारण पेयजल आपूर्ति उस दिन से ठप पड़ी है। ग्रामीण भीखसिंह , शैतानसिंह, गेमरसिंह, भीमसिंह, सबलसिंह, लक्ष्मणसिंह, पप्पूसिंह, अचलसिंह, ज्ञानसिंह, धनसिंह, सुजानसिंह, गिरधरसिंह, तनेराजसिंह, जेठूसिंह, मेघसिंह, गोपालराम, दीनाराम, मोतीसिंह आदि ग्रामीण जीएलआर पर एकत्रित होकर पेयजल किल्लत के बारे में अवगत कराया। मूलाना गांव से 10 किलोमीटर दूर हेमसिंह की ढाणी वाशिन्दो की ओर से अधिकारियों को अवगत करवाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई हैं। ढाणी निवासी लखसिंह सोढ़ा व नाथूसिह सोढ़ा ने बताया कि गर्मी में पानी की समस्या बनी हुई है।