
जैसलमेर/पोकरण. इन्दिरा गांधी नहर परियोजना में मंगलवार को शुरू हुई नहरबंदी के दौरान पोकरण क्षेत्र में पानी की आपूर्ति को व्यवस्थित बनाए रखना चुनौतीपूर्ण कार्य होगा। ऐसे में बालोतरा के पानी में कटौती कर पोकरण क्षेत्र में आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। गौरतलब है कि हर वर्ष नहर क्लोजर के दौरान नहर से पानी की आवक बंद हो जाती है। यही नहीं क्लोजर भी रबी की फसल की सिंचाई पूर्ण हो जाने व गर्मी के मौसम की शुरुआत के समय होता है। ऐसे में भीषण गर्मी के दौरान क्षेत्र में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। यहां जलदाय विभाग की ओर से पूर्व में नलकूपों से संचालित कई जलप्रदाय योजनाएं बंद कर दिए जाने के कारण अब पोकरण-फलसूण्ड पेयजल लिफ्ट परियोजना ही सबसे बड़ा पेयजल स्त्रोत रह गया है। पेयजल समस्या से निपटने के लिए अधिकारियों को खासी मशक्कत करनी पड़ती है।
बालोतरा के पानी में होगी कटौती
पोकरण-फलसूण्ड-बालोतरा-सिवाणा पेयजल लिफ्ट परियोजना के तहत पोकरण क्षेत्र के 91 गांवों तथा बालोतरा के 50 से अधिक गांवों में पानी की आपूर्ति की जा रही है। नहरबंदी के दौरान एक माह तक बालोतरा में 10-12 दिन तक ही पानी की आपूर्ति की जाएगी। इस पानी की कटौती कर पोकरण क्षेत्र के गांवों में पर्याप्त जलापूर्ति की जाएगी, ताकि इस क्षेत्र में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न नहीं हो। वर्तमान में 50 मिलियन लीटर प्रतिदिन पानी की आपूर्ति बालोतरा में की जा रही है, जो तीन दिन तक करने के बाद चार से पांच दिनों तक आपूर्ति बंद रखी जाएगी। इस प्रकार नहरबंदी के दौरान 10 से 12 दिनों तक ही बालोतरा में पानी की आपूर्ति होगी।
यूं होगी व्यवस्था
-नहर में 1254 आरडी पर 850 मिलियन लीटर पानी का संग्रहण किया गया है।
-नाचना के पास स्थित डिग्गी में 150 मिलियन लीटर तक पानी का संग्रहण कर रखा गया।
-लोहारकी व अजासर में निर्मित 13 डिग्गियों में भी पानी लबालब कर दिया गया है।
-ऐसे में नहर क्लोजर के चलते नहर व डिग्गी में संग्रहित पानी से पोकरण क्षेत्र में आपूर्ति की जा सकेगी।
फैक्ट फाइल:-
- 30 दिन तक रहेगा नहर में क्लोजर
- 850 मिलियन लीटर पानी का संग्रहण
- 15 मिलियन लीटर पानी की हर दिन होगी आपूर्ति
- 91 गांवों में नहर के पानी की होती है आपूर्ति
- 50 मिलियन लीटर पानी दिया जाता है बालोतरा में
नहीं होगी पेयजल संकट की स्थिति
इस बार नहर क्लोजर से पूर्व ही नहर व डिग्गी में पानी का संग्रहण कर दिया गया है। जिससे कहीं पर भी पानी की समस्या नहीं होगी तथा पोकरण क्षेत्र में पर्याप्त जलापूर्ति की जाएगी।
जैराराम गेंवा, अधिशासी अभियंता पोकरण-फलसूण्ड पेयजल लिफ्ट परियोजना, पोकरण।