सावन मास के तीसरे सोमवार को स्वर्णनगरी सहित जिले भर में शिवालयों में भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला।
सावन मास के तीसरे सोमवार को स्वर्णनगरी सहित जिले भर में शिवालयों में भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला। भोर होते ही शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में हर-हर महादेव के जयकारे गूंजने लगे। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की। सुहागिन महिलाओं ने पति की दीर्घायु और सुख-शांति की कामना करते हुए व्रत रखा, जबकि कुंवारी कन्याओं ने योग्य वर की प्राप्ति के लिए पीपल पूजन किया।
रंग-बिरंगे परिधानों व आभूषणों से सजी महिलाओं का मंदिरों की ओर रुख सुबह से ही शुरू हो गया। मुक्तेश्वर महादेव, देवचंद्रेश्वर, गज मंदिर, वरुणेश्वर, चंद्रमोलेश्वर, रत्नेश्वर सहित शहर के सभी प्रमुख शिवालयों में दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। मंदिरों में भजन-कीर्तन, अभिषेक और अखंड जाप का आयोजन शुभ मुहूर्त में किया गया।शिव भक्ति का यह उत्साह शहर तक सीमित नहीं रहा। जैसलमेर से पांच किलोमीटर दूर शिवमड़ी दरबारमें भी श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ा। कहीं शिव स्तुति में लीन भक्तों की टोली तो कहीं भक्ति रस में डूबे भजन गायक... चारों ओर शिवमय वातावरण रहा।
श्रद्धा का यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। मंदिरों के प्रांगण भक्ति, आस्था और समर्पण की अनुपम छटा से सराबोर नजर आए।