
पोकरण. विश्व के मानचित्र पर अपनी जगह बना चुके परमाणु नगरी पोकरण में नगरपालिका अध्यक्ष चुनाव को लेकर घमासान बढ़ता जा रहा है। पूर्व में पार्षद पदों के लिए 74 प्रत्याशियों की संख्या हो जाने से चुनाव रोचक हो चुका था और अध्यक्ष पद महिला के लिए आरक्षित होने से कई दिग्गजों के परिवारजन चुनाव मैदान में थे। मतगणना के बाद तस्वीर साफ होने का अनुमान लगाया जा रहा था, लेकिन अध्यक्ष के सेहरे की गुत्थी और अधिक उलझ चुकी है। हालांकि कांग्रेस बड़े दल के रूप में उभरी है, लेकिन बहुमत से एक सीट दूर है। जबकि भाजपा दो सीटों से दूर है। यही नहीं मतगणना के बाद दिग्गज चुनावी दौड़ से बाहर भी हो चुके है। अब अध्यक्ष के लिए कई नामों पर चर्चा हो रही है, लेकिन तस्वीर साफ होती नजर नहीं आ रही है।
पोकरण नगरपालिका चुनाव के लिए किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिल सका है। सोमवार को हुई मतगणना के बाद पोकरण के कुल 25 वार्डों में कांग्रेस को 12, भाजपा को 11 सीटें मिली और निर्दलीयों ने 2 सीटों पर कब्जा जमाया। किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण निर्दलीयों के भरोसे बोर्ड गठन का प्रयास किया जा रहा है।
पोकरण के 25 वार्डों में जीते पार्षदों में से कुछेक पार्षद खुले घूम रहे है। जबकि अधिकांश पार्षद भूमिगत है। बड़े नेताओं की ओर से बाड़ाबंदी में डाल दिए जाने के कारण अभी तक भाजपा का एक भी पार्षद शपथ व निर्वाचन प्रमाण पत्र लेने नहीं पहुंचा है। जबकि कांग्रेस का केवल एक पार्षद के शपथ लेना बाकि है। पार्षदों की बाड़ाबंदी पोकरण से बाहर होने के कारण यहां अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर मात्र चर्चाएं हो रही है। यहां कोई हलचल नजर नहीं आ रही है।
पार्षद पदों के लिए मतगणना हो जाने के बाद अब अध्यक्ष पद के दावेदारों के नामों पर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि कयास लगाया जा रहा है कि कांग्रेस बोर्ड बना देगी, लेकिन निर्दलीयों के भाजपा की तरफ जाने अथवा क्रॉस वोटिंग हो जाने की स्थिति में भाजपा भी दौड़ में सफल हो सकती है। फिलहाल कांग्रेस से कल्पना रंगा, छोटेश्वरी माली व मधुबाला व्यास के नाम चर्चा में है। जबकि भाजपा में विमला गांधी व शोभा व्यास के नामों की चर्चाएं चल रही है।