
जैसलमेर. लंबे इंतजार के बाद जैसलमेर मुख्यालय सहित आसपास के करीब 50 किलोमीटर के दायरे में हुई अच्छी बारिश ने किसानों और पशुपालकों के चेहरों पर रौनक लौटा दी। गुरुवार को शहर में पूर्वाह्न से ही रिमझिम बारिश का दौर शुरू हुआ, जो बीच-बीच में तेज बौछारों में बदलता रहा। आसमान में छाए बादलों और लगातार बरसते पानी से मौसम सुहावना हो गया। जैसलमेर में शाम 5.30 बजे तक करीब 32 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। सुबह से हो रही बारिश को देखकर शहरवासियों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी खुशी का माहौल नजर आया। जिले के पोकरण और मोहनगढ़ नहरी क्षेत्र में भी बरसात ने आमजन को खुश कर दिया। दूसरी तरफ जैसलमेर के आसपास के गांवों में भी बारिश होने से खेतों में खरीफ की फसलों को नई उम्मीद मिली है। पहले से बोई गई फसलों के लिए बारिश बेहद उपयोगी मानी जा रही है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में सीजन की पहली अच्छी बरसात हुई है, ऐसे में किसान अब शुक्रवार से खेतों में बुवाई करेंगे। किसानों का कहना है कि समय पर अच्छी बारिश होने से खेतों में नमी बनी रहेगी और फसलों की बढ़वार बेहतर होगी। नहरी क्षेत्र मोहनगढ़ में सुबह से रुक रुक कर बरसात हुई। बाद में तेज बारिश से मौसम खुशनुमा हो गया। चूंधी में बरसाती नदी के कारण गणेश मंदिर डूब गया।
शहर में पूर्वाह्न से रिमझिम और तेज बारिश का सिलसिला चलता रहा। बारिश के कारण सडक़ों पर आवाजाही कुछ समय के लिए प्रभावित हुई, लेकिन मौसम सुहावना होने से लोगों ने बारिश का आनंद लिया। कई लोग दुकानों और प्रतिष्ठानों के बाहर खड़े होकर बारिश का नजारा देखते नजर आए। बच्चों और युवाओं में भी बारिश को लेकर खासा उत्साह रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश को लेकर किसानों की उम्मीदें अब और बढ़ गई हैं। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी बारिश का सिलसिला बना रहा तो खरीफ फसलों के लिए हालात काफी बेहतर हो सकते हैं। रेगिस्तानी जिले में हुई यह बारिश खेतों, पशुओं और आमजन—तीनों के लिए राहत लेकर आई है।
बारिश से पशुपालकों के लिए भी राहत की खबर है। ग्रामीण इलाकों में वर्षा होने से चारागाहों में घास उगने की उम्मीद बढ़ गई है। इससे आने वाले दिनों में पशुओं के लिए हरे चारे की उपलब्धता बेहतर हो सकती है। लंबे समय से बारिश की बाट जोह रहे पशुपालकों को अब अच्छे मानसून की उम्मीद बंधी है।
पोकरण. क्षेत्र में गत दो दिनों से मौसम में बार-बार बदलाव देखने को मिल रहा है। बुधवार को भी दोपहर में हल्की रिमझिम फुहारें चली थी, लेकिन दिनभर गर्मी व उमस का मौसम बना रहा। गुरुवार को सुबह हल्की बूंदाबांदी का दौर चला। सुबह करीब 6 बजे रिमझिम फुहारें चली। इसके बाद 8 बजे से 10 बजे तक रुक-रुककर दो-तीन बार हल्की बूंदाबांदी व रिमझिम फुहारों का दौर चला, जिससे मौसम सुहावना हो गया। दोपहर में गर्मी व उमस का मौसम हो गया। जिससे जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। शाम तक भी आसमान में बादलों की आवाजाही लगी हुई थी, लेकिन अच्छी बारिश नहीं होने से लोगों को मायूसी हाथ लगी।