सरहदी जैसलमेर जिले में रविवार को धर्ममयी माहौल देखने को मिला। जैसलमेर, पोकरण सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी करवाचौथ का पर्व परम्परागत रूप से हर्षोल्लास से मनाया गया।
सरहदी जैसलमेर जिले में रविवार को धर्ममयी माहौल देखने को मिला। जैसलमेर, पोकरण सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी करवाचौथ का पर्व परम्परागत रूप से हर्षोल्लास से मनाया गया। सुहागिनों ने इस दिन चतुर्थी का व्रत रखा और पति की दीर्घायु की प्रार्थना की। स्वर्णनगरी में इस पर्व के दिन उल्लास, भक्ति व श्रद्धा का माहौल नजर आया। जैसलमेर के सोनार दुर्ग स्थित लक्ष्मीनाथ मंदिर, रतनेश्वर महादेव मंदिर, वरुणेश्वर मंदिर, बाबा रामदेव मंदिर, गांधी चौक स्थित गणेश मंदिर एवं मुक्तेश्वर मंदिर में जाकर दर्शन किए। दिन भर मन्दिरों के समीप आभूषण व पारंपरिक परिधान पहने महिलाओं व कन्याओं की रेलमपेल देखने को मिली। इस दिन महिलाओं ने करवाचौथ की कथा भी सुनी। कई जगह महिलाओं के साथ-साथ उनके पतियों ने भी व्रत रखे। महिलाओं ने एक पट्टïे पर जल से भरा लोटा व करवे में गेहूं भरकर रखा और दीवार पर या कागज पर चन्द्रमा एवं उसके नीचे शिव तथा कार्तिकेय की चित्रावली बनाकर पूजा की। निर्जल व्रत रखा तथा चन्द्रमा को देखकर व अध्र्य देकर व्रत खोला।