राजस्थान सरकार की ओर से औद्योगिक विकास को गति देने और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई एक जिला, एक उत्पाद नीति-2024 अब जैसलमेर में रंग लाने जा रही है।
राजस्थान सरकार की ओर से औद्योगिक विकास को गति देने और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई एक जिला, एक उत्पाद नीति-2024 अब जैसलमेर में रंग लाने जा रही है। इस नीति के तहत जिले के पारंपरिक पीले पत्थर को चिन्हित कर उसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थापित करने की दिशा में काम शुरू हो चुका है। इसी क्रम में 27 मई, मंगलवार को प्रात: 11 बजे होटल जैसल इन में एक जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उद्यमियों को योजना की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र की महाप्रबंधक संतोष कुमारी ने बताया कि जैसलमेर का पीला पत्थर वर्षों से जिले की संस्कृति, वास्तुकला और कारीगरी का हिस्सा रहा है। योजना के तहत इस उत्पाद को नई तकनीक, गुणवत्ता प्रमाणन और डिजिटल मार्केटिंग के जरिए वैश्विक मंच पर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
-नवीन उद्योगों को मार्जिन मनी सहायता
नई तकनीक व सॉफ्टवेयर अधिग्रहण पर वित्तीय सहायता
-गुणवत्ता प्रमाणपत्र व मानक प्राप्त करने पर प्रोत्साहन
-विपणन सहायता और ई-कॉमर्स को बढ़ावा देने की योजनाएं
रोजगार और आत्मनिर्भरता को मिलेगा बल
महाप्रबंधक के अनुसार यह नीति न केवल पारंपरिक उद्योगों को संजीवनी देगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर राजस्थान की अवधारणा को साकार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पीले पत्थर से जुड़े फर्नीचर और शिल्प उद्योग में भी नई संभावनाएं उभरने की उम्मीद है।
महाप्रबंधक ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए उद्यमियों को एसएनएसओ पोर्टल पर पंजीकरण कराना आवश्यक है। पंजीकरण के बाद सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जिला उद्योग केंद्र में प्रस्तुत करना होगा।
यह होगा कार्यशाला में
27 मई को आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञ उद्यमियों को योजना की बारीकियों से अवगत कराएंगे।