तीन महिला पार्षदों की दावेदारी के बीच भाजपा की सियासत
सांचौर. नगरपालिका में भाजपा के बहुमत वाले बोर्ड के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आने के बाद खाली हुई पालिकाध्यक्ष की कुर्सी को लेकर डीएलबी ने उपचुनाव की तिथि 14 मार्च घोषित की है। ऐसे में शहरी सरकार की सियासत एक बार फिर गर्मा गई है। अलग-अलग धड़ों में बंटे भाजपा पार्षद अब अध्यक्ष के लिए रणनीति बनाने में जुट गए हैं। वहीं भाजपा की अंदरूनी लड़ाई सड़क पर आ जाने से नए समीकरण सामने आ रहे हैं। पालिकाध्यक्ष की सीट अनुसूचित जाति महिला वर्ग के लिए आरक्षित होने से प्रत्याशी के चयन को लेकर भी कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कांग्रेस के छह पार्षदों में एक भी अनुसूचित महिला पार्षद नहीं होने से वे मुकाबले से बाहर हैं, लेकिन अविश्वास प्रस्ताव में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कांग्रेस के छह पार्षदों की बोर्ड गठन में अहम भूमिका रहेगी। फिलहाल पालिका में ऋचा मेघवाल कार्यवाहक पालिकाध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज है, लेकिन पार्षदों के बहुमत से पालिकाध्यक्ष का निर्णय 14 मार्च को होगा। इसको लेकर अलग-अलग धड़ों में बंटी भाजपा पसंदीदा प्रत्याशी को लेकर गुप्त बैठकें कर रहे हैं।
किसी भी पार्षद के खिलाफ नहीं हुई कार्रवाई
भाजपा बोर्ड के खिलाफ अपने ही पार्षदों की ओर से अविश्वास प्रस्ताव लाने के बावजूद पार्टी ने किसी भी पार्षद के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की हिम्मत तक नहीं दिखाई। ऐसे में इस राजनीतिक उठा पटक के कारण आखिरकार बोर्ड को गिरा दिया गया।
इस तरह चला घटनाक्रम
8 नवम्बर : असंतुष्ट पार्षदों ने गोपनीय बैठक कर रणनीति बनाई।
13 नवम्बर : अविश्वास प्रस्ताव को लेकर विरोधी धड़े के पार्षदों ने योजना तैयार की।
14 नवम्बर : सांसद देवजी पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष रविन्द्रसिंह बालावत व पूर्व विधायक जीवाराम चौधरी की मौजूदगी में भाजपा नगर अध्यक्ष पुरेन्दर व्यास के घर असन्तुष्ट पार्षदों की बैठक कर समझाईश की। जिसमें विरोधी धड़े के पांच पार्षद नदारद रहे। इस दौरान पार्टी ने २ माह तक का वक्त मांगा था, जिस पर सहमति बनी।
4 दिसम्बर : असंतुष्ट धड़े के १४ पार्षदों ने ५ कांग्रेस पार्षदों के साथ गोपनीय रणनीति के तहत कलक्टर के समक्ष हस्ताक्षरसुदा अविश्वास प्रस्ताव पेश किया।
8 दिसम्बर : कलक्टर ने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर मतदान की तारीख तय की।
21 दिसम्बर : अविश्वास प्रस्ताव पारित हुआ और भाजपा बोर्ड गिरा।
22 दिसम्बर : पालिका उपाध्यक्ष के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गिरा।
29 दिसम्बर : डीएलबी ने पार्षद ऋचा मेघवाल को दो माह के लिए कार्यवाहक पालिकाध्यक्ष नियुक्त किया।
14 मार्च : रिक्त पालिकाध्यक्ष के लिए मतदान होगा।
ये पार्षद हैं असुन्ष्ट खेमे में
असंतुष्ट भाजपा पार्षदों की कमान पूर्व पालिकाध्यक्ष संावलचंद संघवी, पंडित भागीरथ व्यास व नारायणसिंह राव के हाथों में है। जिनमें सोहेल खां, हिना देवी, नानजीराम, निर्दलीय पार्षद हरिश त्रिवेदी, नीता कुमारी, चंपालाल खत्री, दीपिका जीनगर, कविता देवासी, अर्जुन देवासी व ममता जैन सहित अन्य पार्षद शामिल हैं। वहीं अविश्वास प्रस्ताव के दौरान भाजपा के असंतुष्ट धड़े का समर्थन करने वाले कांग्रेस के पांच पार्षद भी इनके साथ हैं।
विरोधी धड़े में भी मतभेद
सांचौर नगरपालिका बोर्ड में पालिकाध्यक्ष के लिए एससी महिला की सीट आरक्षित है। ऐसे में असन्तुष्ट खेमे में तीन एससी महिला पार्षद हैं। इनमें से ऋचा मेघवाल कार्यवाहक पालिकाध्यक्ष बनी, लेकिन अन्य पार्षद पालिकाध्यक्ष के लिए पूर्ण रूप से सहमत नजर नहीं आ रहे हैं। वहीं नीता मेघवाल पालिकाध्यक्ष के लिए दावेदारी जता रही है, लेकिन पार्षदों की आपसी सहमति नहीं होने से खींचतान शुरू हो गई है और विरोधी गुट भी दो भागों में बंटा नजर आ रहा है। एक गुट दीपिका जीनगर के लिए सहमत है। जहां बोर्ड गिराने में तीनों की भूमिका रही, वहीं अब पालिकाध्यक्ष बनने को लेकर तीनों दावेदारों ने बांहे चढ़ा ली है।