
भैंसवाड़ा स्थित डायवर्सन पर चल रहा कार्य। फोटो- पत्रिका
जालोर। भैंसवाड़ा गांव में विकसित किए जा रहे जवाई नदी डायवर्सन एरिया से भविष्य में सरदारगढ़ खेड़ा बांध तक अधिक मात्रा में पानी पहुंच सकेगा। अक्सर बारिश के सीजन में यह बांध सूखा ही रहता है। बांध के रास्ते बहाव क्षेत्र के 22 गांवों को भी डायवर्सन से पानी की निकासी का विस्तार मिलने से फायदा होगा। इन गांवों का जलस्तर भी बहाव जारी रहने से सुधरने के आसार हैं।
वर्ष 2024-25 के बजट में इस कार्य के लिए करीब 2 करोड़ का प्रावधान किया गया था। वर्तमान में 60 फीसदी तक काम पूरा हो चुका है। आगामी 2 माह में यह शेष कार्य भी पूरा हो जाएगा। इस सीजन मानसून में अच्छी बारिश होने पर न केवल डायवर्सन क्षेत्र के गांवों को अधिक पानी निकासी का लाभ मिलेगा, बल्कि बांध तक भी पर्याप्त पानी पहुंचेगा। इससे आसपास के कृषि कुएं लाभान्वित होंगे।
वर्ष 2017 में तत्कालीन आहोर विधायक ने भैंसवाड़ा डायवर्सन का काम करवाया था। उस समय डायवर्सन से निकासी 700 क्यूसेक थी। अब इसी क्षेत्र में 3000 क्यूसेक क्षमता का नया हेड रेगुलेटर भैंसवाड़ा में बनाया जा रहा है। इस तरह अच्छी आवक होने पर 5 गुना से अधिक, यानी 3700 क्यूसेक तक पानी की निकासी डायवर्सन से संभव होगी।
जवाई नदी से पानी डायवर्सन एरिया से होते हुए भैंसवाड़ा, गोदन, सामुजा, बागोतरा, सेदरिया, बादनवाड़ी, मीठड़ी, देसू, देवकी, बोकरा, सांपनी, स्वस्वपपुरा होते हुए पुनः जवाई नदी में तीखी-पहाड़पुरा के रास्ते बहता है। इसके अलावा बहाव क्षेत्र का अतिरिक्त पानी सरदारगढ़ बांध तक पहुंचेगा।
भैंसवाड़ा डायवर्सन से सरदारगढ़ तक 30 किलोमीटर लंबी केनाल है। इसमें भारी बारिश के दौरान डायवर्सन के रास्ते पानी पहुंचता है। वर्ष 2017, 2023 और 2025 में पानी का काफी बहाव रहा। अब डायवर्सन को अपग्रेड करने से पानी निकासी की क्षमता बढ़ेगी, जिससे इस क्षेत्र के कृषि क्षेत्र को फायदा मिलेगा।
जालोर जिले के अहम प्रोजेक्ट के रूप में भैंसवाड़ा डायवर्सन के रेगुलेटर एरिया का अपग्रेडेशन कार्य महत्वपूर्ण है। प्रोजेक्ट एरिया में जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता अरुण सिड़ाना और अतिरिक्त मुख्य अभियंता मनीष परिहार ने शनिवार शाम को कार्य स्थल का मुआयना किया। इस दौरान कार्य की गुणवत्ता जांची और समय पर काम पूरा करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
भैंसवाड़ा डायवर्सन के हेड रेगुलेटर का शेष 40 फीसदी काम मई तक पूरा करने का लक्ष्य है। भविष्य में इस प्रोजेक्ट से सूखा प्रभावित गांवों को फायदा मिलेगा।
Published on:
06 Apr 2026 03:15 pm
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