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जालोर से 4 इंटरनेशनल और 60 नेशनल मेडलिस्ट देने वाला आत्मरक्षा केंद्र होगा बंद? खेल अधिकारी के आदेश पर मचा हंगामा

जालोर: खेल स्टेडियम में संचालित आत्मरक्षा केंद्र को खाली कराने के आदेश के बाद विवाद गहरा गया है। खिलाड़ियों, अभिभावकों और कोच ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर प्रशिक्षण प्रभावित होने और जबरन कब्जे के प्रयास का आरोप लगाया।

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Jalore Stadium Dispute

जालोर जिला कलक्टर को ज्ञापन देने पहुंचे परिजन। फोटो: पत्रिका

जालोर। खेल स्टेडियम में बना आत्मरक्षा केंद्र के हॉल में अधिकार क्षेत्र को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मामले में जिला खेल अधिकारी, केंद्र के संचालक व परिजन आमने-सामने है। आत्मरक्षा केंद्र के कोच प्रशिक्षुओं की ओर से जिला कलक्टर को सौंपे ज्ञापन में बताया गया कि जिला खेल अधिकारी की ओर से 19 मई को जारी आदेश के तहत केंद्र को खाली करने के आदेश है। शिकायत में बताया कि अचानक इस तरीके से केंद्र को खाली करवाना खिलाड़ियों के लिए खेल प्रभावित होगा, अब प्रशिक्षण के लिए अचानक स्थान एवं हॉल मिलना मुश्किल है।

परिजनों व खिलाड़ियों की ओर से सौंपे ज्ञापन में बताया गया कि जिला प्रशासन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से संचालित आत्मरक्षा केन्द्र जालोर में कोच प्रीतमसिंह राठौड़ के देखरेख में बच्चे प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इस एकडमी में 4 अन्तरराष्ट्रीय, 60 राष्ट्रीय व 100 से अधिक राज्य स्तर पर खिलाड़ियों ने पदक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। ज्ञापन देने वाले अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और राज्य स्तर के दर्जनों खिलाड़ियों सहित अभिभावक मीनल शर्मा, सरस्वती देवी, सुनीता चौधरी और कविता सोलंकी मौजूद मौजूद रहे और प्रकरण में उचित कार्रवाई की मांग की।

डेपुटेशन पर नियुक्ति का भी विरोध

ज्ञापन में परिजनों और महिला खिलाड़ियों ने बताया कि वर्तमान में स्टेडियम शारीरिक शिक्षक पुष्पेन्द्र परमार डेपुटेशन पर लगे हुए हैं। ज्ञापन में शारीरिक शिक्षक पुष्पेन्द्र परमार को स्टेडियम से हटाने की मांग की गई। ज्ञापन में जिला खेल अधिकारी पर धमकाने का आरोप भी लगाया, जिसे उन्होंने सिरे से खारिज किया है।

इन्होंने कहा

2021 में आत्मरक्षा केंद्र का छह माह के लिए प्रशिक्षण के लिए हैंडओवर किया गया था। वह समाप्त हो चुका है। संविदा का अनुबंध 31 मार्च 2026 में पूरा हो चुका है। मेरे पास हॉल की चाबी तक नहीं है। जिसके बारे में जिला कलक्टर को अवगत करवाया गया है। राशि भी अधिक वसूली जा रही है। -अमित शर्मा, जिला खेल अधिकारी, जालोर

तय एमओयू के तहत ही राशि वसूली जा रही है। किसी तरह का बिजली या अन्य राशि बकाया नहीं है। खिलाड़ियों के हित से जुड़ा अहम मसला है। लंबे समय से खिलाड़ी यहां प्रेक्टिस कर रहे हैं। हॉल को खाली करवाने के साथ इस पर जबरन कब्जे का प्रयास है। -प्रीतमसिंह, कोच, आत्मरक्षा केंद्र

मेरा काम खिलाड़ियों को खेल भावना से तैयार करना है। मुझ पर पहले भी जो आरोप लगे, वो निराधार थे। मैं तो जिले के पंच गौरव के तहत बच्चों को बॉक्सिग की प्रेक्टिस करवाने के लिए नियुक्त हूं, मेरा हॉल विवाद से कोई नाता नहीं है। -पुष्पेंद्र परमार, शारीरिक शिक्षक-कोच