चितलवाना तहसील के गलीपा गांव में दो दिन पहले दो ऑडियो वायरल हुए थे। ये दोनों ऑडियो चेलाराम और नहर में कूदकर जान देने वाले दम्पति शंकरा की पत्नी बादली के थे, जिसमें दोनों प्रेम व स्नेह से बातचीत करते सुनाई दे रहे थे।
जालोर/सांचौर। चितलवाना तहसील के गलीपा गांव में दो दिन पहले दो ऑडियो वायरल हुए थे। ये दोनों ऑडियो चेलाराम और नहर में कूदकर जान देने वाले दम्पति शंकरा की पत्नी बादली के थे, जिसमें दोनों प्रेम व स्नेह से बातचीत करते सुनाई दे रहे थे। पूरे गांव के साथ जब शंकरा ने भी ये ऑडियो सुने तो उसके व बादली के मध्य तनाव बढ़ गया और यह इतना बढ़ा कि दोनों ने अब इस दुनिया में नहीं रहने की ठान ली।
जब वे घर छोड़ने ही वाले थे कि उन्हें ख्याल आया कि उनके पीछे उनके बच्चों को क्या होगा, तब वे अपने पांचों मासूम बच्चों रमिला (12), प्रकाश (10), केगी (8), जानकी (6) और हितेश (3) को भी साथ ले गए और नहर में छलांग ली। वायरल हुए ऑडियो ने एक पूरा परिवार खत्म कर दिया। मृतक शंकरा के पिता खेमाराम और भाई जगाराम रुंधे गले से कह रहे हैं कि "बे दिन पहले बे रिकॉर्डिंग ने सारी दुनिया उजाड़ दी। चैला माना नहीं और शंकरा विवश हो गया।"
गौरतलब है कि सांचौर के सिद्धेश्वर सरहद में नर्मदा मुख्य कैनाल में मंगलवार दोपहर को शंकरा उसकी पत्नी बादली और उसके पांचों बच्चों ने नहर में कूदकर आत्महत्या कर ली। इसका पता बुधवार दोपहर को परिजनों को चला तब प्रशासन सक्रिय हुआ और शाम को सातों के शव नहर से बाहर निकलवाए।
चैला पंचायत का आदेश मानने को तैयार नहीं
ग्रामीणों के अनुसार चैला व बादली के मध्य कथित तौर पर अवैध संबंध थे। इसका पता शंकरा को चलने पर उसे ग्रामीणों और परिवार वालों को घटना के बारे में बताया। ग्रामीणों ने इसी सप्ताह पंचायत भी बैठाई और चैला को चेतावनी भी दी लेकिन चैला माना नहीं और एक परिवार खत्म हो गया। चैला शंकरा का पड़ौसी था और उसका शंकरा के घर पर आना-जाना था। इसी वजह से बादली व चैला एक दूसरे के नजदीक आ गए।
5 बच्चों को क्या था कसूर
अवैध संबंधों में एक बार फिर से एक पूरा परिवार रीत गया। नहर से बाहर जब बच्चों के शव आए तो ग्रामीणों के साथ पुलिसकर्मियों का दिल भी पसीज गया। उनके चेहरे देखकर हर कोई बरबस यही कह रहा था कि इन पांचों मासूमों का क्या कसूर था।
गांव में मातम, नहीं जले चूल्हे
बुधवार दोपहर बाद शंकरा के परिवार के नहर में छलांग लगाने की खबर आग की तरह चितलवाना तहसील के गलीपा गांव में फैल गई। शाम को जब नहर से शव बाहर निकाले गए तो पूरे गांव में मातम छा गया। हर किसी की आंख नम थी। शंकरा के परिजनों का तो रो-रो कर बुरा हाल था। गांव के कई घरों में बुधवार शाम को चूल्हा नहीं जला।