जालोर जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया। हादसे में पहले पति की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल पत्नी का इलाज के दौरान दम टूट गया।
जीवाणा। बाड़मेर–जालोर स्टेट हाइवे पर जीवाणा में एक अनार मंडी के सामने 7 फरवरी को हुए सड़क हादसे में मृतक सुजाराम की पत्नी की भी उपचार के दौरान मौत हो गई।
गौरतलब है कि ट्रैक्टर और बाइक की आमने-सामने हुई भिड़ंत में सिराणा निवासी सुजाराम मेघवाल की उसी दिन मौके पर ही मौत हो गई थी।
गंभीर रूप से घायल उनकी पत्नी लीला देवी ने पांच दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद 10 फरवरी की सुबह जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में अंतिम सांस ली। 11 फरवरी को उनका अंतिम संस्कार किया गया।
जानकारी के अनुसार सांगाणा बेरे के कृषक सुजाराम मेघवाल (45) अपनी पत्नी लीला देवी (43) के साथ बाइक पर जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे ट्रैक्टर से उनकी बाइक की जबरदस्त टक्कर हो गई।
टक्कर इतनी भीषण थी कि सुजाराम ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। वहीं लीला देवी गंभीर रूप से घायल हो गई। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से गंभीर होने पर जोधपुर रेफर किया गया।
मथुरादास अस्पताल में चिकित्सकों ने पांच दिनों तक उनका गहन उपचार किया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
सुजाराम मेघवाल की पत्नी की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई। एक ही परिवार में पति-पत्नी दोनों की मौत से गांव में मातम छा गया। उनके निधन के बाद परिवार पूरी तरह असहाय हो गया है।
अब परिवार में पीछे दो बेटियां रह गई हैं। हेवन कुमारी (18 वर्ष) और बटु कुमारी (14 वर्ष) के सिर से अब माता-पिता का साया उठने से उनकी पढ़ाई, पालन-पोषण और सुरक्षा को लेकर परिजन और ग्रामीण गहरी चिंता में हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता दिलवाने की मांग की है।