
जालोर का स्वर्णगिरी दुर्ग
जालोर के ऐतिहासिक स्वर्णगिरी दुर्ग की आभा दूर तक फैलेगी। थार सर्किट की घोषणा के बाद इसकी क्रियान्विति से ऐसा संभव हो पाएगा। बजट घोषणा के अनुसार पश्चिमी राजस्थान की मरुस्थलीय संस्कृति, विरासत, जीवनशैली, लोककला की विशिष्ट पहचान को ध्यान में रखते हुए जालोर समेत जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर में थार सांस्कृतिक सर्किट बनाया जाएगा। इससे आगामी वर्षों में विदेशी सैलानी भी जालोर तक पहुंचेंगे। जिससे जालोर को पर्यटन मानचित्र पर खास पहचान मिलेगी।
जालोर दुर्ग तक सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है। वीर कान्हड़देव और वीर वीरमदेव की शौर्य गाथा के प्रतीक के रूप में जालोर के दुर्ग की खास पहचान है। अब तक सड़क नहीं होने से दुर्ग की दुर्गम चढ़ाई को पार कर बाहरी पर्यटक नहीं पहुंच पाते हैं।
5 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए सभी स्तर दस्तावेज पूर्ति के कार्य कर लिए गए हैं। आगामी कुछ दिनों में सड़क निर्माण का कार्य शुरु हो जाएगा। जिससे जालोर तक पहुंचने वाले पर्यटकों को ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों की संपदा देखने को मिलेगी।
एजेंसी की ओर से कार्य लगभग एक साल में पूरा करने की डेडलाइन तय है। अंतिम स्तरीय स्वीकृति प्राप्त होने के बाद एजेंसी की ओर से कार्य शुरु किया जाएगा। साल 2026 के अंत तक जालोर दुर्ग तक सडक़ मार्ग से पहुंचना संभव हो पाएगा।
उप वन संरक्षक जयदेवसिंह चारण ने बताया कि जालोर दुर्ग तक सड़क निर्माण कार्य के लिए अंतिम स्तर पर दस्तावेज के द्वितीय पार्ट की पूर्ति भी कर दी गई है। अब अंतिम स्तरीय स्वीकृति जारी होने के साथ ही आगामी कुछ दिनों में काम शुरु होने की संभावना है।
Published on:
12 Feb 2026 02:10 pm
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