दो पटवार सर्कलों के किसानों को नहीं मिल रहा है क्लेम
भीनमाल. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 2016 में खरीफ की फसलों में हुए नुकसान का बागोड़ा तहसील क्षेत्र के दो पटवार सर्कल के किसानों का बीमा क्लेम अधरझूल में अटक गया है। अतिवृष्टि से पूरे क्षेत्र में खरीफ की फसलों को खासा नुकसान हुआ था, फसल में नुकसान के क्लेम की उश्वमीदें पाले किसानों को क्लेम में नाम ही नहीं है। ऐसे में किसान अपने-आप को ठगा-सा महसूस कर रहे है। किसानों को अब सोसायटी से प्राप्त क्लेम में सेवड़ी व बाली के किसानों को क्लेम की राशि में नाम नहीं है। किसानों का कहना है कि दो पटवार सर्कल में अतिवृष्टि से बाजरे की फसल में नुकसान तो हुआ था, लेकिन क्लेम में नाम नहीं होने से किसानों के पैरो तले जमीन खिसक रही है। किसानों का कहना है कि 2016 में अतिवृष्टि के चलते खरीफ की बाजरे, मूंग, मोठ की फसलों में खासा नुकसान हुआ। खरीफ फसल की बुवाई के लिए किसानों ने बैंक से ऋण लेकर खरीफ फसल की बुवाई, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बैंक की ओर से फसल का बीमा भी करवाया, लेकिन फसलों में नुकसान के बाद किसानों को मुआवजा नहीं मिलने से किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। अतिवृष्टि से फसलों में हुए नुकसान के चलते किसानों को खरीफ की फसल से कुछ हाथ नहीं लगा था।
बाजरे में नुकसान तो हुआ, लेकिन क्लेम नहीं
सेवड़ी व बाली पटवार सर्कल के किसानों को 2016 खरीफ फसल में बाजरे की फसल में खासा नुकसान हुआ था, किसानों को फसलों में हुए नुकसान का क्लेम मिलने की उम्मीद थी,लेकिन अब क्लेम में नाम नहीं है। ऐसे में किसान रोजाना सोसायटी व बैंकों के चक्कर कांट रहे हैं। सोसायटी के व्यवस्थापकों का कहना है कि यहां पर फसलों में हुए नुकसान की सर्वे रिपोर्ट भेज दी थी, लेकिन क्लेम की राशि आगे से नहीं मिली है। क्लेम की राशि में भी दोनो पटवार सर्कलों में बाजरे की फसल में नुकसान तो दर्शाया है, लेकिन क्लेम नहीं दिया है। सेवड़ी निवासी किसान भोमाराम देवासी, हीराराम विश्नोई, शांतिदेवी व कल्याणसिंह ने बताया कि बाजरे की फसल में ही अधिक नुकसान हुआ था, लेकिन बाजरे की फसल का ही क्लेम नहीं मिला है।
दुबारा रिपोर्ट भेंजेंगे
बागोड़ा तहसील क्षेत्र के दो पटवार सर्कलों में बीमा योजना के तहत क्लेम नहीं आया है, यहां से रिपोर्ट पहले भेज दी थी, जिन पटवार सर्कल में किसानों को मुआवजा नहीं मिला है, वहां के सोसायटी व्यवस्थापकों को रिपोर्ट बनाकर भेजनी होगी। इसके बाद बीमा क्लेम के लिए अधिकारियों के माध्यम से कंपनी को भेजेंगे।
- भूराराम, मैनेजर, द-जालोर सैन्ट्रल कॉ-ऑपरेटिव बैंक-जालोर