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जालोर में भतीजे ने की चाचा की हत्या, कुल्हाड़ी से किया हमला, कई बार दे चुका था धमकी

राजस्थान के जालोर जिले में पारिवारिक रंजिश ने खूनी मोड़ ले लिया। आहोर थाना क्षेत्र के जोगावा गांव में भतीजे ने कुल्हाड़ी से चाचा के सिर पर वार करके हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी मौके पर फरार हो गया था।

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Jalore murder case

फोटो पत्रिका नेटवर्क

जालोर। राजस्थान के जालोर जिले में पारिवारिक रंजिश ने खूनी मोड़ ले लिया। आहोर थाना क्षेत्र के जोगावा गांव में भतीजे ने कुल्हाड़ी से चाचा के सिर पर वार करके हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी मौके पर फरार हो गया था। घटना के बाद पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को पकड़ लिया। कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अपने पिती की मौत का बदला लेना चाहता था और लंबे समय से चाचा को जान से मारने की धमकियां दे रहा था। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

जानकारी के अनुसार बुधवार को चाचा अखाराम (40) बस स्टैंड के पास बनी पानी की टंकी के पास बैठा था। इसी दौरान उसका भतीजा वीजाराम कुल्हाड़ी लेकर वहां पहुंचा। इससे पहले अखाराम कुछ समझ पाता भतीजे वीजाराम ने उसके सिर पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर दिए। इससे वह गंभीर घायल हो गया और मौके पर दम तोड़ दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक अखाराम और आरोपी वीजाराम आपस में काका-भतीजा हैं और दोनों के घर पास-पास हैं।

पुलिस ने घटनास्थल से जुटाए सबूत

घटना की जानकारी मिलते ही जालोर डीएसपी छतरसिंह और आहोर थानाधिकारी करणसिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया और घटनास्थल से सबूत जुटाए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को रिपोर्ट मिलने के बाद शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंपा।

4 साल पहले पेड़ को काटने को लेकर हुआ था विवाद

जानकारी के अनुसार करीब 4 साल पहले घर के आगे खड़े एक बबूल के पेड़ को काटने को लेकर दोनों परिवारों में लाठी-डंडे चले थे। आरोप है कि उस विवाद के दौरान अखाराम ने लोहे का औजार से वारकर वीजाराम को घायल कर दिया था। इसी झगड़े में वीजाराम के पिता मोपाराम के सिर पर भी गंभीर चोट लगी थी। बाद में उनकी मौत हो गई थी। पिता की मौत के बाद से ही वीजाराम अपने काका अखाराम से रंजिश रखने लगा था। वह कई बार उन्हें जान से मारने की धमकी दे चुका था। ग्रामीणों ने बताया कि अखाराम बेहद गरीब परिवार से था। मजदूरी कर अपना और अपने परिवार का पेट पाल रहे थे।