दो महीने से पंचायत भवन में रह रहे हैं नर्मदा ठेकेदार के कार्मिक
हाड़ेचा. नेहड़ की सीमांत भीमगुड़ा पंचायत में करीब दो महीने से पंचायत के कार्मिकों ने नहीं, बल्कि नर्मदा का कार्य करने वाले ठेकेदार के कार्मिकों ने डेरा डाल रखा है। पंचायत स्तरीय समस्याओं को लेकर पंचायत मुख्यालय पहुंचने वाले सीमांत गांवों के ग्रामीणों को यहां ना तो पंचायत के कार्मिक नजर आते हैं और ना ही जनप्रतिनिधि। वहीं यहां रहने वाले नर्मदा के कार्मिकों से जब सरपंच व ग्राम सेवक के बारे में पूछा जाता है तो जवाब मिलाता है कि वे तो नर्मदा के लिए काम करते हैं और यहां सरपंच से पूछकर कुछ दिनों से लिए ठहरे हुए हैं। इधर, पंचायत के अधिकारियों का इस बारे में कहना है कि उन्हें इस मामले की जानकारी तक नहीं है। जबकि हकीकत में नेहड़ की भीमगुड़ा ग्राम पंचायत में ठेकेदार के कार्मिकों ने लम्बे समय से डेरा डाल रखा है। और तो और पंचायत भवन में ठेकेदार का सामान भी भर रखा है। इसके बावजूद पंचायत के कर्मचारियों व अधिकारी इससे अनभिज्ञ बन रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो माह से भीमगुड़ा ग्राम पंचायत के भवनों में ठेकेदार ने कब्जा कर रखा है और पंचायत भवन में ठेकेदार के संसाधन रखे हुए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस सम्बंध में अधिकारियों को भी अवगत करवाया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
कमरे नहीं, कार्यालय ही दे दिया...
ग्राम पंचायत की ओर से ठेकेदार को पंचायत के कमरे नहीं, बल्कि पूरा भवन रहने के लिए दिया गया है। यहां ठेकेदार के करीब दो दर्जन से अधिक मजदूर अभी भी रह रहे हैं। इसके बावजूद पंचायतीराज के अधिकारी इस मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं। गौरतलब है कि यहां लगे ग्रामसेवक व पंचायत सहायक अधिकतर समय फील्ड में ही रहते हंै। वहीं कार्मिक राजीवगांधी भवन के कक्ष में। ऐसे में पंचायत भवन ठेकेदार के हवाले ही कर रखा है।
अधिकारी और कार्मिक बोले- जानकारी नहीं...
मैं पिछले कई माह से ग्राम पंचायत मुख्यालय पर गया नहीं हूं। हालांकि वहां लिपिक व पंचायत सहायक के अलावा नई भर्ती वाले ग्रामसेवक को लगा रखा है। अगर ठेकेदार पंचायत भवन कार्यालय में रहता है तो गलत है। मामले की जानकारी लेकर भवन खाली करवाएंगे।
- रमाकांत, ग्रामसेवक, ग्राम पंचायत, भीमगुड़ा
मामले की जानकारी ली जाएगी...
ग्राम पंचायत के भवनों को भी किसी एजेंसी को नहीं दिया जा रहा है। अगर ठेकेदार पंचायत कार्यालय को काम में ले रहा है तो मौके पर जाकर मामले की जानकारी ली जाएगी। साथ ही भवन को खाली करवाया जाएगा।
- रामाअवतार शर्मा, बीडीओ, चितलवाना