
जालोर. फस्र्ट डिविजन से बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण कर सरकारी कॉलेज में दाखिला लेकर उच्च शिक्षा का सपना देखने वाले जिले के सैकड़ों विद्यार्थियों को इस बार कॉलेज में नियमित प्रवेश नहीं मिलेगा। इतना ही नहीं जिले के विभिन्न विद्यालयों में अध्ययनरत रहकर बारहवीं परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले दस हजार से अधिक विद्यार्थी इस बार जिले के सरकारी महाविद्यालयों में प्रवेश से वंचित रहेंगे। हाल ही में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से बारहवीं कक्षा के सभी संकायों के परीक्षा परिणाम घोषित किए गए है। जिले के विभिन्न विद्यालयों में अध्यययनरत 12 हजार 344 विद्यार्थियों ने बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है। जबकि जिले के पांच सरकारी कॉलेज में विभिन्न संकायों में महज दो हजार 120 सीटें ही उपलब्ध है। ऐसे में बारहवीं उत्तीर्ण करने वाले दस हजार 224 विद्यार्थियों को जिले के सरकारी कॉलेजों में नियमित प्रवेश नहीं मिलेगा। इतना ही नहीं प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने वाले चार हजार से अधिक विद्यार्थियों को भी सरकारी कॉलेज में नियमित प्रवेश नहीं मिल पाएगा।
विज्ञान संकाय में प्रवेश मुश्किल
सरकारी महाविद्यालयों की बात करे तो जिला मुख्यालय पर वीर वीरमदेव राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय और भीनमाल के जीके गोवाणी राजकीय महाविद्यालय में ही विज्ञान संकाय उपलब्ध है। वीर वीरमदेव महाविद्यालय में 210 सीटें और भीनमाल के जीके गोवाणी महाविद्यालय में 70 सीटें उपलब्ध है। वहीं बारहवीं विज्ञान संकाय से उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों की संख्या दो हजार 365 है। इन में एक हजार 759 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण है। वहीं बारहवीं विज्ञान संकाय में उत्तीर्ण होने वाले कुल विद्यार्थियों की संख्या दो हजार 365 है। ऐसे में विज्ञान संकाय में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने के बावजूद सैकड़ों विद्यार्थी प्रवेश से वंचित रहेंगे।
करीब आठ हजार रहेंगे प्रवेश से वंचित
जिला मुख्यालय पर वीर वीरमदेव राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कला संकाय में 640 सीटें, राजेंद्रसूरि कुंदन जैन राजकीय महिला महाविद्यालय में 160, जीके गोवाणी महाविद्यालय भीनमाल में 400, राजकीय महाविद्यालय आहोर में 160 व रानीवाड़ा के नवस्वीकृत राजकीय महाविद्यालय में कला संकाय में 160 सीटें उपलब्ध है। ऐसे में जिले के सभी सरकारी महाविद्यालयों में कला संकाय में एक हजार 520 सीटें ही उपलब्ध है। जबकि कला संकाय से बारहवीं उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों की संख्या नौ हजार 467 है। इतना ही नहीं कला संकाय में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या चार हजार 624 है। ऐसे में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने के बावजूद प्रतिभावान विद्यार्थियों को सरकारी कॉलेज में प्रवेश नहीं मिलेगा।
यहां नहीं है ज्यादा मुकाबला
वाणिज्य संकाय में प्रवेश को लेकर इस बार ज्यादा मुकाबला नहीं है। वाणिज्य संकाय में वीर वीरमदेव महाविद्यालय में 160, राजेंद्रसूरि कुंदन जैन राजकीय महिला महाविद्यालय में 80 व जीके गोवाणी महाविद्यालय भीनमाल में 80 सीटें उपलब्ध है। वहीं वाणिज्य संकाय बारहवीं में उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों में 317 प्रथम श्रेणी से, 184 द्वितीय श्रेणी से व 11 तृतीय श्रेणी से उत्तीर्ण हुए है।